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छठ गीत का जब भी जिक्र आता है तो सबसे पहले किसी गाने की तरफ यदि ध्यान जाता है तो वह है असम की लोकगायिका कल्पना जी द्वारा गाये गए गीत ‘मरबो रे सुगवा धनुख से’  का | छठ पर्व के समय चारो तरफ यही गीत ही ज्यादातर गूंजता रहता है क्युकी  इस गीत को इतनी मधुरता से गया गया है की यह सीधे दिल को छू लेता है | इस गाने में एक तोते का जिक्र है जो फलो के पेड़ पर मंडरा रहा है | ये फल छठ पूजा के लिए है जिसे आदित्य भगवान यानि सूर्य देवता को अर्पण किया जाना है |लेकिन डर है की कही तोता इस फल को जूठा नहीं कर दे | इसलिए गाना गाने वाला एक पल तोता को धनुष से मारने के बारे में सोचते है |लेकिन फिर यह सोचता है की यदि तोता मर  गया तो तोता की पत्नी अर्थात सुगनी उसके वियोग में रोने लगेगी और इस तरह आदित्य भगवन उनलोगों पर सहाय नहीं हो पाएंगे |

 

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए -LYRICS 

 

ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से,

ओह पर सुगा मेड़राए।

मारबो रे सुगवा धनुख से,

सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,

आदित होई ना सहाय॥

ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से,

ओह पर सुगा मेड़राए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,

आदित होई ना सहाय॥

अमरुदवा जे फरेला खबद से,

ओह पर सुगा मेड़राए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥

शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥

ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से,

ओह पर सुगा मेड़राए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,

आदित होई ना सहाय॥

सभे फलवा जे फरेला खबद से,

ओह पर सुगा मेड़राए।

मारबो रे सुगवा धनुख से,

सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,

आदित होई ना सहाय॥

कुछ शब्दों के अर्थ (Meanings of some words):-

आदित = आदित्य = सूर्य/सूरज/the sun

मेड़राए = मंडराए=hover

मारबो = मारुंगा/मारुंगी / will beat you

फरेला = फलता है/फला (पेड़ पर फल) =growing of fruits on the trees

सुगवा = तोता = parrot

 

Hinglish lyrics of the song:

 

oo je kerwa je pharela khabad se, ohi par suga madaraye

marbo re sugwa dhanukh se, suga gire murjhaye

oo je sugni je royele viyog se, aadit hoyi na sahay

oo je nariyar je pharela khabad se, ohi par suga med

marbo re sugwa dhanukh se, suga gire murjhaye

oo je sugni je royele viyog se, aadit hoyi na sahay

amarudwa je pharela khabad se, oh par suga medaraye

marbo re sugwa dhanukh se, suga gire murjhaye

oo je sugni je royele viyog se, aadit hoyi na sahay

sharifwa je pharela khabad se, oh par suga medaraye

marbo re sugwa dhanukh se, suga gire murjhaye

oo je sugni je royele viyog se, aadit hoyi na sahay

narangiya je pharela khabad se, oh par suga medaraye

marbo re sugwa dhanukh se, suga gire murjhaye

oo je sugni je royele viyog se, aadit hoyi na sahay

oo je sewua je pharela khabad se, oh par suga medaraye

marbo re sugwa dhanukh se, suga gire murjhaye

oo je sugni je royele viyog se, aadit hoyi na sahay

sabhe phalwa je pharela khabad se, oh par suga medaraye

marbo re sugwa dhanukh se, suga gire murjhaye

oo je sugni je royele viyog se, aadit hoyi na sahay

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