मारबो रे सुगवा धनुख से,सुगा गिरे मुरझाए -KALPANA PATOWARY
छठ गीत का जब भी जिक्र आता है तो सबसे पहले किसी गाने की तरफ यदि ध्यान जाता है तो वह है असम की लोकगायिका कल्पना जी द्वारा गाये गए गीत ‘मरबो रे सुगवा धनुख से’ का | छठ पर्व के समय चारो तरफ यही गीत ही ज्यादातर गूंजता रहता है क्युकी इस गीत को…
