रोचक जानकारी – गड़ेरिये ने की थी कॉफी की खोज

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cofee ki khoj kisane ki thi

Coffee ki khoj kisne ki

आपको जानकारी है आश्चर्य होगा की कॉपी की खोज गडरिया ने की थी । हालांकि इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं है पर फिर भी यह माना जाता है कि कॉफी का पौधा सबसे पहले 600 बीसी में कफा प्रांत जो कि इथोपिया में है खोजा गया था तो चलिए हम आपको बताते हैं इस कहानी के बारे में –

एक गड़ेरिये से हुई शुरुआत

यह घटना लगभग 600 ईस्वी की है इथोपिया में काल्दी नाम का एक गडरिया अपनी बकरियों को चरा रहा था । बकरियां कुछ जंगली पौधे खा गई और वह कूदने लगी। काल्दी ने देखा तो काल तो पाया कि बकरियां एक पौधे के गहरे लाल रंग के बीजों को खा रही थी। काल्दी को लगा कि इन बेरियों में कोई नशीली चीज है । काल्दी ने स्वयं भी कुछ बीज खाकर देखे । उसे जल्द ही अपने भीतर एक ऊर्जा और शक्ति का अनुभव हुआ ।

नींद भगाने के लिए होने लगा इस्तेमाल

काल्दी ने कुछ बेरियां तोड़ ली और अपने गांव के पादरी को दे दी ,क्योंकि वो चर्च में प्रार्थना के समय ऊँघने लगते थे । पादरी ने इन बेरियों को पानी मे उबाल कर पिया और अब वो घंटों तक चर्च में उपदेश देने लगे । उसके बाद पादरी ने नींद भागने के लिए लोगों को इन बेरियों को उबाल कर पीने की सलाह दी ।इस तरह यह इथोपिया में लोकप्रिय पेय बन गया।

कॉफ़ी चोरी छिपे पंहुचा अन्य देशों में

इथोपिया के बाद कॉफी पीने का चलन अरब पहुँचा । और धीरे धीरे यह अरब के लोकप्रिय पेय बन गया। 13वी शताब्दी में अरबवासियों ने कॉफी की फलियों का निर्यात शुरू किया लेकिन वे बीज या पौधे किसी को नही देते थे । उन्हें लगता था कि अगर यह पौधे कही और पहुंच गए तो हमारे कॉफ़ी का व्यापार ठप हो जाएगा। लेकिन कॉफी के पौधे या बीज चोरी छिपे कुछ अन्य देश मे पहुंच ही गए ।

कॉफी में कैफीन नामक रसायन जो करता है दिमाग को उत्तेजित

भारत मे कॉफी लगभग 1600 ईस्वी में पहुँचा । हिंदुस्तान से गये कुछ यात्रीयों ने कॉफी के कुछ पौधे अपने साथ ले आये थे । उसके बाद धीरे धीरे यह पूरे विश्व मे फैल गयी और लोकप्रिय हो गयी । कॉफी में कैफीन नामक रसायन पाया जाता है जो दिमाग को उत्तेजित करता है । इसी कारण से बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों में यह काफी लिकप्रिय पेय बन गया । कॉफी हाउस का जन्म सबसे पहले यूरोप में हुआ था जो बुद्धिजीवियों के अड्डेबाजी के लिए मशहूर हुआ । कॉफी हाउस में न जाने कितनी क्रांतियों , विद्रोहों और आईडिया ने जन्म लिया ।

भारत में 6 लाख से भी अधिक लोगो को देता है रोजगार

कॉफी की वाणिज्यिक खेती 18 वी शताब्दी में प्रारंभ हुई। इसके भारतीय कॉफी उद्योग का काफी तेजी से विस्तार हुआ और विश्व में अपनी पहचान बनाई । भारत मे कॉफी कर्नाटक , केरल , तमिलनाडु जैसे पश्चिमी घाटों में उपजाई जाती है । देश मे उत्पादित 65% से 70% कॉफी का निर्यात किया जाता है । भारतीय कॉफी उद्योग 4000 करोड़ के लगभग विदेशी विनिमय उपलब्ध कराता है और 6 लाख से भी अधिक लोगो को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराता है ।

विश्व मे दूसरी सबसे बड़ी खरीदी और बेची जाने वाली वस्तु

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि कॉफी विश्व मे दूसरी सबसे बड़ी खरीदी और बेची जाने वाली वस्तु है । विश्व के शीर्ष 6 कॉफी उत्पादक देशों में भारत भी एक है। कॉफी के साथ कुछ रीति रिवाज और संस्कृति भी प्रचलित है । तुर्की की शादियों में शादी के समय दूल्हे को यह शपथ लेनी होती है कि वह दुल्हन को जिंदगी भर कॉफी पिलायेगा ।

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