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2022 पश्चिम बंगाल की छुट्टियों का कैलेंडर- West Bengal Holiday Calender 2022

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West Bengal Holiday Calender 2022 Free Download

 पश्चिम बंगाल सरकार ने साल 2022 का पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों के लिए छुट्टियों की घोषणा कर दी है। सरकार द्वारा जारी किये गए कैलेंडर में 18 राजपत्रित अवकाश और 18 अन्य अवकाश शामिल किए गए हैं। आप सरकार द्वारा जारी किये गए कैलेंडर 2022 की पीडीएफ को नीचे दिए गए लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं।

West Bengal Rajypal Holiday Calender 2022 Free Download

वर्ष 2022 के लिए N. I. Act 1881 के तहत घोषित अवकाश की सूचि

List of Public Holidays in 2022 under the N. I. Act)

Birth Day of Swami Vivekananda12th January, (Wednesday)
Republic Day26th January, (Wednesday)
**Saraswati Puja [Sree Panchami]5th February (Saturday)
Doljatra18th March (Friday)
Birth Day of Dr. B. R. Ambedkar14th April (Thursday)
Mahavir Jayanti14th April (Thursday)
Good Friday15th April (Friday)
Bengali New Year’s Day (Nababarsha)15th April (Friday)
Eid-Ul-Fitr3rd May (Tuesday)
Birth Day of Rabindranath Tagore9th May (Monday)
Buddha Purnima16th May (Monday)
Muharram9th August (Tuesday)
Independence Day15th August (Monday)
Durga Puja Astami03rd October (Monday)
Durga Puja Nabami04th October (Tuesday)
Durga Puja Dasami05th October (Wednesday)
Kali Puja24th October (Monday)
Birth Day of Guru Nanak8th November (Tuesday)

Yearly Closing of Bank Account: 1st April (Friday) (for Banks only, Government Offices and Treasuries will remain open).

पश्चिम बंगाल के कार्यालयों के लिए घोषित सामान्य अवकाश /छुट्टी की सूचि

List of Holidays under the order of State Government in 2022

**New Year’s Day01st January, (Saturday)
Day before Saraswati Puja04th February (Friday)
Birth Day of Thakur Panchanan Barma14th February (Monday)
Shivaratri1st March (Tuesday)
**Holi (Day after Doljatra)19th March (Saturday)
Additional day for Eid-Ul-Fitr4th May (Wednesday)
Rathayatra1st July (Friday)
Birth Day of Poet Bhanu Bhakt (for Darjeeling & Kalimpong District only)13th July (Wednesday)
Janmastami19th August (Friday)
Additional day for Durga Puja Mahapanchami30th September (Friday)
**Additional day for Durga Puja Mahasasthi1st October (Saturday)
Additional day in connection with Durga Puja6th October (Thursday)
Additional day in connection with Durga Puja7th October (Friday)
**Additional day in connection with Durga Puja8th October (Saturday)
Additional day in connection with Lakshmi Puja10th October (Monday)
Additional day in connection with Kali Puja25th October (Tuesday)
Additional day in connection with Kali Puja26th October (Wednesday)
Bhatridwitya27th October (Thursday)
Additional day in connection with Chhat Puja31st October (Monday)
Birth Day of Birsa Munda15th November (Tuesday)

(##) Birthday of Pandit Raghunath Murmu falls on 16th May, Monday, which is a holiday under N.I. Act and therefore has not been shown separately in List

वर्ष 2022 के लिए ऐच्छिक / प्रतिबंधित छुट्टियों की सूचि

List III (Sectional Holidays in 2022)

Birth Day of Guru Rabidas16th February (Wednesday) [for the followers of Guru Rabidas]
** Easter Saturday16th April (Saturday) [for Christians only]
Hul Diwas30th June, (Thursday) [for Adivasi (Santhal) only]
Karam PujaTo be notified later on

($$) Shab-e-Barat, Sectional holiday for Muslim Community falls on 19th March, Saturday, which is State Government holiday and therefore has not been shown separately in List III.

2022 में रविवार को पड़ रही 9 छुट्टियां

साल 2022 में बहुत सारे पर्व त्योहार रविवार को पड़ रहे है . इस साल रविवार को 11 छुट्टिया पड़ रही है , जिनका लिस्ट निचे दिया गया है

i)Birth Day of Netaji:23rd January (Sunday)
ii)Birth Day of Shri Shri Harichand Thakur:10th April (Sunday)
iii)*May Day:1st May (Sunday)
iv)Id-Ud-Zoha (Bakrid):10th July (Sunday)
v)Mahalaya:25th September (Sunday)
vi)Birth Day of Gandhiji:2nd October (Sunday)
vii)Durgapuja Saptami:2nd October (Sunday)
viii)Fateha-Dwaz-Daham:9th October (Sunday)
ix)Lakshmi Puja:9th October (Sunday)
x)Chhat Puja:30th October (Sunday)
xi)Christmas Day:25th December (Sunday)

Note – The holiday with double asterisk marks i.e.(**) is applicable to those Government Offices only where Saturdays are not observed as full holiday.

West Bengal Govt Holiday List Calendar 2022 [PDF]

2022 झारखण्ड की छुट्टियों का कैलेंडर- Jharkhand State Holiday Calender 2022

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Jharkhand State Holiday Calender 2022 Free Download

 राज्यपाल रमेश बैस ने साल 2022 का झारखण्ड के सरकारी कर्मचारियों के लिए छुट्टियों की घोषणा कर दी है। राज्यपाल के निर्देशानुसार जारी किये गए कैलेंडर में 19 राजपत्रित अवकाश और 14 अन्य अवकाश शामिल किए गए हैं। झारखंड सरकार ने वर्ष 2021 में 38 अवकाश की घोषणा की थी लेकिन इस साल अवकाश घट कर 33 हो गयी है । राज्य सरकार ने रविवार को होने वाले महोत्सव के लिए अलग से अवकाश घोषणा नहीं की है। आप सरकार द्वारा जारी किये गए कैलेंडर 2022 की पीडीएफ को नीचे दिए गए लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं।

Jharkhand Rajypal Holiday Calender 2022 Free Download

पर्व एवं त्योहारतिथिदिन
सोहराय13 जनवरीगुरूवार
मकर संक्रांति14 जनवरीशुक्रवार
गणतंत्र दिवस26 जनवरीबुधवार
वसंत पंचमी05 फरवरीशनिवार
संत रविदास जयंति16 फरवरीबुधवार
महाशिवरात्रि01 मार्चमंगलवार
होलिका दहन17 मार्चगुरूवार
होली18 मार्चशुक्रवार
सरहुल04 अप्रैल सोमवार
आंबेडकर जयंती/ महावीर जयंती14 अप्रैल गुरूवार
गुड फ्राइडे15 अप्रैल शुक्रवार
ईद-उल-फितर03 मई मंगलवार
बुद्ध पुर्णिमा16 मई सोमवार
हुल दिवस30 जूनगुरूवार
रथयात्रा01 जुलाई शुक्रवार
विश्व आदिवासी दिवस09 अगस्त मंगलवार
मुहर्रम09 अगस्त मंगलवार
रक्षा बंधन11 अगस्त गुरूवार
स्वतंत्रता दिवस15 अगस्त सोमवार
जन्माष्टमी19 अगस्त शुक्रवार
गणेश चतुर्थी31 अगस्त बुधवार
करमा पूजा06 सितम्बरमंगलवार
विश्वकर्मा पूजा17 सितम्बरशनिवार
शारदीय नवरात्र(कलश स्थापना)26 सितम्बरसोमवार
दशहरा महाअष्टमी03 अक्टूबरसोमवार
दशहरा महानवमी04 अक्टूबरमंगलवार
विजयादशमी05 अक्टूबरबुधवार
दीपावली24 अक्टूबरसोमवार
गोवर्धन पुजा25 अक्टूबरमंगलवार
भाई दूज/चित्रगुप्त पूजा26 अक्टूबरबुधवार
छठ (प्रात: अर्ध्य)31 अक्टूबरसोमवार
गुरुनानक जयंती08 नवम्बर मंगलवार
बिरसा मुडा जयंती/राज्य स्थापना दिवस15 नवम्बर मंगलवार

2022 बिहार की छुट्टियों का कैलेंडर- Bihar State Holiday Calender 2022

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Bihar Rajypal Calender 2022
Bihar Rajypal Calender 2022

Bihar State Holiday Calender 2022 Free Download

2022 में घट गई सरकारी छुट्टियां, जानिए किन 35 दिनों को सरकार ने घोषित किया अवकाश

 बिहार सामान्य प्रशासन विभाग ने साल 2022 का बिहार के सरकारी कर्मचारियों के लिए छुट्टियों की घोषणा कर दी है। साल 2022 में पिछले साल के मुकाबले छुट्टियाँ कम हो गयी है। पिछले साल जहाँ 38 छुट्टियां थी वही इस साल यानी 2022 में 32 सार्वजनिक अवकाश और तीन ऐच्छिक सहित कुल 35 छुट्टियाँ है।लेकिन इन छुट्टियों में से 9 छुट्टियां रविवार को और 6 छुट्टियां शनिवार को पड़ रही है । इस बार साल की शुरुआत यानी 1 जनवरी शनिवार से हो रही है ।

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Bihar Rajypal Calender 2022
Bihar Rajypal Calender 2022

2022 में रविवार को पड़ रही 9 छुट्टियां

साल 2022 में बहुत सारे पर्व त्योहार रविवार को पड़ रहे है जिनमे 9 जनवरी गुरु गोविंद सिंह जयंती,10 अप्रैल रामनवमी,1 मई मजदूर दिवस,10 जुलाई ईद उल जोहा,2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती और दुर्गा पूजा , 9 अक्टूबर हजरत मुहम्मद साहब जन्म दिवस , 30 अक्टूबर छठ पर्व,27 नवम्बर चित्रगुप्त पूजा और भाई दूज ,25 दिसंबर क्रिसमस डे शामिल है

शनिवार को पड़ रही 6 छुट्टियां

रविवार के साथ साथ शनिवार को भी कुछ छुट्टियां पड़ रही है जिनमे 5 फरवरी वसंत पंचमी,19 मार्च होली और शबे बारात,9 अप्रैल सम्राट अशोक जयंती,23 अप्रैल वीर कुंवर सिंह जयंती,और 17 सितंबर चेहल्लुम शामिल है।

बिहार सरकार के कार्यालयों के लिए घोषित सामान्य अवकाश /छुट्टी की सूचि

तारीखदिनछुट्टियां / त्योहारों के नाम
09 जनवरी रविवार गुरु गोविन्द सिंह जयंती
26 जनवरी बुधवार गणतंत्र दिवस
05 फरवरी शनिवार वसंत पंचमी
16 फरवरी बुधवार संत रविदास जयंती
01 मार्च मंगलवार महाशिवरात्रि
18 मार्च शुक्रवार होली
19 मार्च शनिवार होली
19 मार्च शनिवार शब ए बारात
22 मार्च मंगलवार बिहार दिवस
09 अप्रैल शनिवार सम्राट अशोक अष्टमी
10 अप्रैल रविवार राम नवमी
14 अप्रैल गुरूवार महावीर जयंती
14 अप्रैल गुरूवार अंबेडकर जयंती
15 अप्रैल शुक्रवार गुड फ्राइडे
23 अप्रैल शनिवार वीर कुंवर सिंह जयंती
1 मई रविवार मई दिवस
03 मईमंगलवार ईद उल-फ़ित्र
10 मईमंगलवार जानकी नवमी
16 मईसोमवार बुद्ध पूर्णिमा
14 जून मंगलवार कवीर जयंती
10 जुलाई रविवार ईद-उल-अधा (बकरीद)
09 अगस्त मंगलवार मुहर्रम
15 अगस्तसोमवार स्वतंत्रता दिवस
19 अगस्त शुक्रवार जन्माष्टमी
17 सितम्बर शनिवार चेहल्लुम
2 अक्टूबर रविवार महात्मा गांधी जयंती
02 अक्टूबर रविवार दशहरा / सप्तमी
03 अक्टूबर सोमवार दशहरा / महाअष्टमी
04 अक्टूबर मंगलवार दशहरा / महानवमी
05 अक्टूबर बुधवार दशहरा / विजयादशमी
09 अक्टूबर रविवार हजरत मोहम्मद साहब का जन्मदिन
24 अक्टूबर सोमवार दिवाली
27 अक्टूबर गुरूवार भैया दूज / चित्रगुप्त जयंती
30 अक्टूबर रविवार छठ पूजा
31 अक्टूबर सोमवार छठ पूजा
25 दिसंबर रविवार क्रिसमस

List of Gazetted Holidays 2022 in Bihar Government

CDS Bipin Rawat Biography- जानिए देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत के बारे में

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देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस (CDS) अधिकारी बिपिन रावत का 8 दिसंबर को तमिलनाडु के पास एक प्लेन क्रैश में निधन हो गया । सेना में रहते हुए बिपिन रावत को परम विशिष्ट सेवा पदक,उत्तम युद्ध सेवा पदक,अति विशिष्ट सेवा पदक ,युद्व सेवा पदक ,सेना पदक,विशिष्ठ सेवा पदक से भी नवाजा जा चुका है। उन्होंने सिमा पर दुश्मनो से लोहा तो लिया ही साथ ही साथ ही जम्मू कश्मीर जैसे अशांत इलाके में शांति बनाए रखने के लिए कमान भी संभाली । तो चलिए जानते है बिपिन रावत जी के बारे में

जन्म

बिपिन रावत का जन्म 16 मार्च 1958 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम लक्ष्मण सिंह रावत था जो खुद भातीय सेना में थे और जनरल लेफ्टिनेंट के पद से रिटायर किये थे। उनकी मां उत्तरकाशी(उत्तराखंड) के पूर्व विधायक की बेटी थी। बिपिन रावत के चाचा का नाम भारत सिंह रावत है जो भारतीय सेना में एक सेवानिवृत्त हवलदार है। विपिन रावत अपने परिवार के तीसरी पीढ़ी से ताल्लुक रखते थे जो भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहे थे ।

शिक्षा

बिपिन रावत की शुरुआती पढ़ाई लिखाई देहरादून के Cambrian Hall School और St. Edward’s School ,Shimla से की । उसके बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए National Defence Academy Khadakwasla और Indian Military Academy , Dehradun में चले गए जहां उन्हें ‘Sword of Honour’ अवार्ड से सम्मानित किया गया। फिर वे higher Study के लिए अमेरिका चले गए जहाँ वे Defence Services Staff College(DSSC) , Wellington से स्नातक की डिग्री हासिल की और United States Army Command and General Staff College,Fort Leavenworth से Higher Command Course भी किया । DSSC में अध्ययन के दौरान उन्होंने Defence Studies में MPhil की डिग्री भी हासिल की साथ ही साथ उन्होंने University of madras से Management and Computer Studies में डिप्लोमा भी किया। सैन्य मीडिया सामरिक अध्ययन पर उनके शोध के लिए उन्हें चैधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी , मेरठ द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि से भी सम्मानित किया गया ।

करियर

बिपिन रावत को पहली बार 16 दिसंबर 1978 को मिजोरम में 11 गोरखा राइफल्स की 5 वी बटालियन में नियुक्त किया गया था । उनके पिता भी इसी यूनिट के हिस्सा थे। अपने पिता के वर्षों का अनुभव बिपिन रावत को विरासत में मिला जो आगे आने वाले कई जंगो में काम आया। इस बटालियन में रहते हुए उन्होंने कई बड़े युद्धों और काउंटर विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्हें 1989 में प्रोमोशन देकर आर्मी का मेजर बनाया गया जहां उन्होंने उरी में जम्मू और कश्मीर में एक कंपनी की कमान संभाली। कर्नल के रूप में उन्होंने किबिथु में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ 5 वी बटालियन 11 गोरखा राइफल्स की भी कमान संभाली। 1 अक्टूबर 2007 को उन्हें ब्रिगेडियर बनाया गया जहाँ उन्होंने सोपोर में राष्ट्रीय राइफल्स के 5 सेक्टर की कमान संभाली।

कई बटालियन के साथ किया काम

विपिन रावत ने आर्मी में काम करते हुए कई बटालियन के लिए काम किया जहां उन्हें अलग अलग जगहों की सुरक्षा नीति और युद्ध कौशल नीति सीखने का अवसर मिला। जैसे infantry बटालियन के साथ काम करते हुए उन्हें Line of Actual Control का अनुभव मिला। कश्मीर घाटी में ऑपरेशन को अंजाम देने वाली 19 infantry Division के साथ काम करते हुए कश्मीर की सुरक्षा को नजदीक से देखने और समझने का भी मौका मिला।इसके अलावा उन्होंने आर्मी के ।।। Corps ,GOC-C Southern Command, IMA Dehradun,Military Operation Directorate जैसे महत्वपूर्ण विभागों के लिए भी काम किया ।

देश के पहले CDS

1 जनवरी 2016 को विपिन रावत ने जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ दक्षिणी कमान का पद ग्रहण किया। थोड़े समय के बाद उन्हेंने थल सेना के उप प्रमुख का पद ग्रहण किया। 17 दिसंबर 2016 को उन्हें भारत सरकार के 27 वे सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया । उन्होंने दलबीर सिंह सुहाग की सेवानिवृति के बाद 31 दिसंबर को सेनाध्यक्ष के रूप में पद संभाला।

उनकी कार्य कुशलता और सिमा के इलाकों में अनुभव को देखते हुए भारत सरकार ने 31 दिसंबर 2019 को बिपिन रावत को तीनों सेना का प्रमुख यानी Chief Defence of Staff(CDS) बनाया।

दुश्मनों का दिया मुहतोड़ जवाब

1962 में भारत चीन युद्ध के दौरान बिपिन रावत ने बहादुरी का परिचय देते हुए मैकमोहन रेखा पर गतिरोध को लेकर न सिर्फ चीनी सेना से लोहा लिया बल्कि बहादुरी से उन्हें रोके भी रखा। जब उन्हें मेजर की कमान मिली तो उन्होंने जम्मू कश्मीर जैसे अशांत इलाके में शांति कायम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जून 2015 में मणिपुर में उग्रवादियों द्वारा घात लगाकर किये गए हमले में अठारह भारतीय सैनिक शाहिद हो गए। उनके बाद भारतीय सेना ने सिमा पर से हमलों का जवाब दिया जिसमें पैराशूट रेजिमेंट की 21वी बटालियन की इकाईयो ने म्यांमार में NSCN-K बेस पर हमला किया। इस अभियान की अध्यक्षता बिपिन रावत के द्वारा की गई थी।

निधन

आखिरी सांस तक देश की सेवा में लगे रहने वाले जाबांज विपिन रावत निधन 8 दिसंबर 2021 को एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में हुई। अपनी पत्नी और परिवार के साथ हेलीकॉप्टर से कोयंबटूर के सुलूर स्टेशन से वेलिंगटन मिलिट्री ऑफिसर्स अकादमी जा रहे थे । उनका हेलीकॉप्टर MI 17 VH तमिलनाडु के कुन्नूर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें रक्षा प्रमुख विपिन रावत और उनकी पत्नी सहित कुल 13 लोगों की मौत हो गयी।

पुरस्कार और सम्मान

बिपिन रावत ने देश की सेवा करते हुए कई सम्मान और पुरस्कार हासिल किये है जिनकी सूचि आप निचे देख सकते है

परम विशिष्ट सेवा मेडल
उत्तम युद्ध सेवा मेडल
अति विशिष्ट सेवा मेडल
युद्ध सेवा पदक
सेना पदक
सामान्य सेवा मेडल
विशिष्ट सेवा पदक
घाव पदक
ऑपरेशन पराक्रम मेडल
सैन्य सेवा मेडल
उच्च ऊंचाई सेवा पदक
विदेश सेवा मेडल

विपिन रावत का रैंक करियर

पदअपॉइंटमेंट की तिथि
सेकंड लेफ्टिनेंट16 दिसंबर 1978
लेफ्टिनेंट16 दिसंबर 1980
कैप्टेन31 जुलाई 1984
मेजर16 दिसंबर 1989
लेफ्टिनेंट कर्नल1 जून 1998
कर्नल1 अगस्त 2003
ब्रिगेडियर1 अक्टूबर 2007
मेजर जनरल20 अक्टूबर 2011
लेफ्टिनेंट जनरल1 जून 2014
जनरल (COAS)1 जनवरी 2017
जनरल(CDS)30 दिसंबर 2019

जोड़े जोड़े फलवा सूरज देव घाटऽवा पे  तीवई चढ़ावेले हो – पवन सिंह

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जल बिच खड़ा होई दर्शन ला आसारा लगावेले हो 

पवन सिंह छठ गीत 

Song Jode Jode Falawa
Album Daras Dekhava Ae Dinanath
Singer Pawan Singh, Palak Muchhal
Music Composer Ajeet Singh, Anjani Ramagya
Lyrics Vinay Bihari

Jal Beech Khada Hoyee Darshan la  Lyrics-PAWAN SINGH | Bhojpuri Chhath Song | Daras Dekhava Ae Deenanath

Jode Jode Falwa Suruj Dev (Pawan Singh) Lyrics in Hindi

जोड़े जोड़े फलवा

सूरज देव घाटऽवा पे  तीवई चढ़ावेले हो

जोड़े जोड़े फलवा

सूरज देव घाटऽवा पे  तीवई चढ़ावेले हो

जल बिच खड़ा होई दर्शन ला

आसारा लगावेले हो

जल बिच खड़ा होई दर्शन ला

आसारा लगावेले हो

शीतली बियरिया

शीतल दूजे पनिया

कब देबऽ देवता तू

आके दर्शनीया

शीतली बियरिया

शीतल दूजे पनिया

कब देबऽ देवता तू

आके दर्शनीया

जोड़े जोड़े सुपवा

आदित्य देव घटवा पे

तीवई चढ़ावेले होऽ

जल बिच खड़ा होई दर्शन ला

आसारा लगावेले होऽ

जल बिच खड़ा होई दर्शन ला

आसारा लगावेले होऽ

भुखली शरिरिया

सजल शोभे  मनवा

पुरबे लागल बड़ुवे सबके ध्यानऽवा

भुखली शरिरिया

सजल शोभे  मनवा

पुरबे लागल  बड़ुवे सबके ध्यानऽवा

जोड़े जोड़े दउरा

ए दीनानाथ घाटवा पे

तीवई चढ़ावेले हो

जल बिच खड़ा होई दर्शन ला

आसारा लगावेले हो

जल बिच खड़ा होई दर्शन ला

आसारा लगावेले हो

विनय बिहारी लिखले माई के भजनऽवा

गावेली पलक बेटी

धई के ध्यानावा

विनय बिहारी लिखले माई के भजनऽवा

गावेली पलक बेटी

धई के ध्यानावा

जोड़े जोड़े पियरी

ए गंगा मईया  घाटवा पे

तीवई चढ़ावेले हो

जल बिच खड़ा होई दर्शन ला

आसारा लगावेले हो

जल बिच खड़ा होई दर्शन ला

आसारा लगावेले हो

ASHA KANDARA – सड़क पर झाड़ू लगाने वाली बनी डिप्टी कलेक्टर

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asha kandara rajsthan

आज हम एक ऐसी महिला की कहानी बताने जा रहे है जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष करते हुए अपने मुकाम को हासिल किया । जिस महिला को 8 साल पहले पति ने छोड़ दिया उसने अपने दो बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी निभाते हुए सड़को पर झाड़ू लगाया और अपनी मेहनत के बल पर RAS की परीक्षा पास कर डिप्टी कलेक्टर बनी। उन्होंने ये साबित कर दिया कि कितने भी कठिन डगर हो अगर आपमे क्षमता हो तो आप वो मुकाम हासिल कर सकते है।

शादी के 5 साल बाद ही पति ने छोड़ा

आशा कंडारा की शादी 1997 में हुई थी । लेकिन शादी के 5 साल बाद ही उनके पति ने उन्हें छोड़ दिया । पति से अलग होने के बाद ही आशा ने सोच लिया था कि उन्हें अपनी जिंदगी में कुछ करके दिखाना है। आशा ने 2 बच्चों के पालन पोषण के साथ साथ 2016 में अपनी ग्रेजुएशन की परीक्षा भी पास की । ग्रेजुएशन करने के 1 साल बाद उनका अपने पति से कानूनी तौर पर तलाक हो गया।

राजस्थान प्रशासनिक सेवा की तैयारी शुरू की

इन सबके बाद उन्होंने हिम्मत नही हारी और 2018 में सफाई कर्मचारी भर्ती की परीक्षा दी । इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान प्रशासनिक सेवा की तैयारी भी शुरू कर दी । इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई के साथ साथ कोचिंग क्लास भी जॉइन की । आशा कहती है कि-

मेरा हमेशा से ही गोल सिविल सर्विसेज में जाने का था मुझे इसकी प्रेरणा ताने सुनकर मिली । जब लोग यह बोलते थे कि तुम कलेक्टर हो क्या ? तुम्हारे मां बाप कलेक्टर है क्या ? यहां मत बैठो या नीचे बैठो। बहुत शोषण होता था । लोग कहते है कि जातिवाद नही है लेकिन जब इंसान फेस करता है तब पता चलता है की जातिवाद है कि नही । कोशिश तो आईएएस की थी लेकिन RAS में हो गया।

सड़क पर झाड़ू लगाने से भी नही हिचकिचाई

आशा ने अगस्त में RAS प्री की परीक्षा दी । अक्टूबर में परिणाम घोषित हुआ । पास होते ही आशा RAS मेंस की तैयारी में जुट गई । उन्होंने 26 जून 2019 को मेंस की परीक्षा दी । परीक्षा देने के 12 दिन बाद ही सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्ति का पत्र आया । आशा ने नौकरी जॉइन की और वो जोधपुर की सड़को पर झाड़ू लगाने से भी नही हिचकिचाई ।

परिवारजनों को दिया अपनी सफलता का श्रेय

सड़कों पर झाड़ू लगाने वाली नगर निगम कर्मचारी आशा का चयन एक मिसाल बन गया है । परीक्षा देने के बाद आशा को भरोसा था कि उनका चयन जरूर होगा । आशा ने RAS-2018 में अपनी मेहनत के बदौलत 728 वी रैंक हासिल की । आशा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार जनों को दिया है ।

रोचक जानकारी – गड़ेरिये ने की थी कॉफी की खोज

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cofee ki khoj kisane ki thi

Coffee ki khoj kisne ki

आपको जानकारी है आश्चर्य होगा की कॉपी की खोज गडरिया ने की थी । हालांकि इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं है पर फिर भी यह माना जाता है कि कॉफी का पौधा सबसे पहले 600 बीसी में कफा प्रांत जो कि इथोपिया में है खोजा गया था तो चलिए हम आपको बताते हैं इस कहानी के बारे में –

एक गड़ेरिये से हुई शुरुआत

यह घटना लगभग 600 ईस्वी की है इथोपिया में काल्दी नाम का एक गडरिया अपनी बकरियों को चरा रहा था । बकरियां कुछ जंगली पौधे खा गई और वह कूदने लगी। काल्दी ने देखा तो काल तो पाया कि बकरियां एक पौधे के गहरे लाल रंग के बीजों को खा रही थी। काल्दी को लगा कि इन बेरियों में कोई नशीली चीज है । काल्दी ने स्वयं भी कुछ बीज खाकर देखे । उसे जल्द ही अपने भीतर एक ऊर्जा और शक्ति का अनुभव हुआ ।

नींद भगाने के लिए होने लगा इस्तेमाल

काल्दी ने कुछ बेरियां तोड़ ली और अपने गांव के पादरी को दे दी ,क्योंकि वो चर्च में प्रार्थना के समय ऊँघने लगते थे । पादरी ने इन बेरियों को पानी मे उबाल कर पिया और अब वो घंटों तक चर्च में उपदेश देने लगे । उसके बाद पादरी ने नींद भागने के लिए लोगों को इन बेरियों को उबाल कर पीने की सलाह दी ।इस तरह यह इथोपिया में लोकप्रिय पेय बन गया।

कॉफ़ी चोरी छिपे पंहुचा अन्य देशों में

इथोपिया के बाद कॉफी पीने का चलन अरब पहुँचा । और धीरे धीरे यह अरब के लोकप्रिय पेय बन गया। 13वी शताब्दी में अरबवासियों ने कॉफी की फलियों का निर्यात शुरू किया लेकिन वे बीज या पौधे किसी को नही देते थे । उन्हें लगता था कि अगर यह पौधे कही और पहुंच गए तो हमारे कॉफ़ी का व्यापार ठप हो जाएगा। लेकिन कॉफी के पौधे या बीज चोरी छिपे कुछ अन्य देश मे पहुंच ही गए ।

कॉफी में कैफीन नामक रसायन जो करता है दिमाग को उत्तेजित

भारत मे कॉफी लगभग 1600 ईस्वी में पहुँचा । हिंदुस्तान से गये कुछ यात्रीयों ने कॉफी के कुछ पौधे अपने साथ ले आये थे । उसके बाद धीरे धीरे यह पूरे विश्व मे फैल गयी और लोकप्रिय हो गयी । कॉफी में कैफीन नामक रसायन पाया जाता है जो दिमाग को उत्तेजित करता है । इसी कारण से बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों में यह काफी लिकप्रिय पेय बन गया । कॉफी हाउस का जन्म सबसे पहले यूरोप में हुआ था जो बुद्धिजीवियों के अड्डेबाजी के लिए मशहूर हुआ । कॉफी हाउस में न जाने कितनी क्रांतियों , विद्रोहों और आईडिया ने जन्म लिया ।

भारत में 6 लाख से भी अधिक लोगो को देता है रोजगार

कॉफी की वाणिज्यिक खेती 18 वी शताब्दी में प्रारंभ हुई। इसके भारतीय कॉफी उद्योग का काफी तेजी से विस्तार हुआ और विश्व में अपनी पहचान बनाई । भारत मे कॉफी कर्नाटक , केरल , तमिलनाडु जैसे पश्चिमी घाटों में उपजाई जाती है । देश मे उत्पादित 65% से 70% कॉफी का निर्यात किया जाता है । भारतीय कॉफी उद्योग 4000 करोड़ के लगभग विदेशी विनिमय उपलब्ध कराता है और 6 लाख से भी अधिक लोगो को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराता है ।

विश्व मे दूसरी सबसे बड़ी खरीदी और बेची जाने वाली वस्तु

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि कॉफी विश्व मे दूसरी सबसे बड़ी खरीदी और बेची जाने वाली वस्तु है । विश्व के शीर्ष 6 कॉफी उत्पादक देशों में भारत भी एक है। कॉफी के साथ कुछ रीति रिवाज और संस्कृति भी प्रचलित है । तुर्की की शादियों में शादी के समय दूल्हे को यह शपथ लेनी होती है कि वह दुल्हन को जिंदगी भर कॉफी पिलायेगा ।

वी के मूर्ति -दादा साहेब फाल्के से सम्मानित प्रथम सिनेमैटोग्राफर

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cinematographer v k murthy biography

आज हम आपको एक ऐसे शख्सियत के बारे मैं बताने जा रहे हैं जिन्होंने पर्दे के पीछे से ही वो चमत्कार कर दिखाया जो शायद किसी और से संभव नहीं था। गुरुदत्त को हिंदी सिनेमा के मशहूर फिल्मकार और ट्रैजिक नायक बनाने में उनका महत्वपूर्ण हाथ है। लेकिन उनका यह मानना है की यदि गुरु दत्त के साथ उन्हें काम करने का मौका नहीं मिला होता तो वह कभी भी कैमरे के जादूगर नहीं बन पाते । हम बात कर रहे हैं सिनेमा के सर्वोच्च पुरस्कार दादा साहब फाल्के से सम्मानित पहले सिनेमैटोग्राफर वी के मूर्ति के बारे में जिन्हें इस अवार्ड से जब नवाजा गया तो उसे गुरुदत्त को समर्पित कर दिया। वह गांधीजी से काफी प्रभावित थे और अपने जवानी के दिनों में आजादी के आंदोलन में हिस्सा लिया और जेल भी गए । तो चलिए जानते हैं इनके बारे में –

Biography of V K Murthy

जन्म तथा बचपन

वी के मूर्ति यानी वेंकटरामा पंडित कृष्णमूर्ति का जन्म 26 नवंबर 1923 को मैसूर,कर्नाटक में हुआ था। जीवन के शुरुआती दिनों में इन्हें काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा । क्योंकि बचपन में ही इनके माता-पिता का देहांत हो गया था । वे बताते हैं कि – संगीत उनका पहला प्यार था और उसी ने मुझे जीवन जीने की ताकत दी । संगीत में उनकी इतनी रुचि थी कि वे अपने रास्ते से डगमगाए नहीं। उन्होंने सबसे पहले वायलिन सिखा और गणपति समारोह में वायलिन बजाकर और बच्चों को वायलिन सिखा कर अपना पेट भरना शुरू कर दिया।

हीरो बनने आये थे मुम्बई

आपको जानकर यह हैरानी होगी कि शुरुआती दिनों में वीके मूर्ति न तो संगीतकार बनना चाहते थे और ना ही सिनेमैटोग्राफर। वे हीरो बनने के लिए मुंबई आए थे। अपने एक रिश्तेदार के घर में रहकर हाफ पेंट में ही मुंबई के स्टूडियो का चक्कर लगाना शुरू कर दिए थे। क्योंकि वह हिंदी नहीं जानते थे इसलिए उनको वहां काम नहीं मिला और वे पढ़ाई पूरी करने के लिए वापस बेंगलुरु लौट आए।

शिक्षा

उन्होंने सबसे पहले स्कूल की पढ़ाई खत्म की और उसके बाद सिनेमैटोग्राफी का कोर्स भी किया। उन्होंने विश्वेश्वरैया द्वारा स्थापित बेंगलुरु इंस्टिट्यूट से सिनेमैटोग्राफी की शिक्षा ली और इसमें डिप्लोमा किया ।

फिल्मी सफर

काफी संघर्ष के बाद 1946 में उन्हें जयंत देसाई की फिल्म महाराणा प्रताप में द्रोणाचार्य के सहायक के रूप में सिनेमैटोग्राफर का काम मिला । इसके बाद उन्होंने चार पांच साल तक फाली मिस्त्री के साथ काम किया। एक स्वतंत्र कैमरामैन के रूप में वीके मूर्ति की पहली फिल्म जाल थी जो 1952 में गुरु दत्त के साथ फिल्माई गई थी।

गुरुदत्त से मुलाकात

उनकी जिंदगी गुरुदत्त से मिलने के बाद बिल्कुल ही बदल गई । गुरुदत्त से उनकी पहली मुलाकात बाजी की दौरान हुई थी। उन्होंने सहायक सिनेमैटोग्राफर के तौर पर एक कठिन शार्ट का सुझाव गुरुदत्त को दिया था । जिसको उनका कैमरामैन नहीं कर सका । उसके बाद उन्होंने गुरुदत्त से इस शॉट को शूट करने का आग्रह किया जिसे गुरुदत्त ने मान लिया। इस शॉट को वीके मूर्ति ने बहुत ही खूबसूरती से पूरा किया जिससे गुरुदत्त इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने साथ काम करने का उन्हें ऑफर दे दिया। इसके बाद उन दोनों की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को कई हिट फिल्में दिए। जिनमें वीके मूर्ति ने एक जादूगर की तरह कैमरे का प्रयोग किया।

कैमरे के जादूगर

कहा यह जाता है कि उनके कैमरे में यह जादू था कि वह मुस्कुराते होठों की उदासी, आंखों के काले घेरे की स्याह नमी , गुलाब सर्दियों की गुनगुनाती गर्माहट और किताबों में छुपी चिट्ठियों से उठती प्रेम की खुशबू आदि सब कुछ कैद कर सकते थे। वीके मूर्ति और गुरुदत्त की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को कागज के फूल, प्यासा ,चौदहवीं का चांद, सीआईडी, साहिब बीवी गुलाम ,आर पार ,जिद्दी जैसी अनेक अनमोल फिल्में दी जो हिंदी सिनेमा के लिए मील का पत्थर साबित हुई। जब तक गुरुदत्त जिंदा रहे उन्होंने किसी अन्य डायरेक्टर के साथ काम नहीं किया।

पुरस्कार

वी के मूर्ति का कागज के फूल मूवी का एक गाना ‘वक्त ने किया है क्या हंसी सितम’ को फिल्माते हुए बीम शॉट(beam Shot) को को काफी क्लासिकल माना जाता है । जिसे उन्होंने साधारण दर्पण की एक जोड़ी का उपयोग करते हुए सूट किया था । कागज के फूल और साहिब बीवी और गुलाम में उन्होंने प्रकाश का इस तरह से प्रयोग किया था जैसे लग रहा था की प्रकाश और छाया कहानी का ही हिस्सा है । इन दोनों फिल्मों ने 1959 और 1962 में मूर्ति को सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफर का फिल्म फेयर पुरस्कार दिलवाया । वर्ष 2005 में इन्हें आईफा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया।

दादा साहेब फाल्के पुरस्कार

वीके मूर्ति ने दूरदर्शन के लिए एक टेली धारावाहिक भारत की एक खोज जिसके निर्माता श्याम बेनेगल थे में प्रमुख छायाकार के रूप में काम किया । वी के मूर्ति प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार के लिए चुने जाने वाले पहले सिनेमैटोग्राफर थे । जो उन्हें उस समय की राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल द्वारा 2008 में प्रदान किया गया।

निधन

7 अप्रैल 2014 को 91 वर्ष की उम्र में बेंगलुरु के शंकर पुरम आवास पर उनका निधन हो गया । उन्हें उम्र संबंधी परेशानियां थी । भारतीय सिनेमा के विकास में वी के मूर्ति का महत्वपूर्ण योगदान है

2021 झारखण्ड की छुट्टियों का कैलेंडर- Jharkhand State Holiday Calender 2021

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Jharkhand State Holiday Calender 2021

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2021 की झारखंड राज्य के छुट्टियों का कैलेंडर जारी कर दिया है। इस कैलेंडर के मुताबिक इस वर्ष झारखंड सरकारी कर्मचारियों को मात्र 38 दिन की छुट्टियां ही मिलेगी। वहीं, इस वर्ष होलिका दहन, महावीर जयंती, स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन रविवार को पड़ने के कारण चार छुट्टियां कट गई है। इसके लिए अलग से अवकाश की घोषणा नहीं की गई है। कर्मचारियों को इस वर्ष 13 जनवरी को सोहराय पर्व की पहली छुट्टी मिलेगी। वहीं एक अप्रैल गुरुवार को बैंक लेखा की वार्षिक बंदी का लाभ कर्मचारियों को नहीं मिलेगा।

जानिए किन 38 दिनों को झारखंड सरकार ने घोषित किया अवकाश

यहां देखें झारखंड सरकार के राजपत्रित अवकाश

  • 26 जनवरी मंगलवार – गणतंत्र दिवस
  • 11 मार्च गुरुवार- महाशिवरात्रि
  • 29 मार्च सोमवार-  होली
  • 2 अप्रैल शुक्रवार-  गुड फ्राइडे
  • 14 अप्रैल बुधवार- अंबेडकर जयंती
  • 15 अप्रैल गुरुवार –   सरहुल
  • 21 अप्रैल बुधवार –   रामनवमी
  • 14 मई शुक्रवार –   ईद-उल-फितर
  • 26 मई बुधवार –    बुद्ध पूर्णिमा
  • 21 जुलाई बुधवार –  ईद-उल-जुहा (बकरीद)
  • 19 अगस्त गुरुवार –  मुहर्रम
  • 30 अगस्त सोमवार –  जनमाष्टमी
  • 17 सितंबर शुक्रवार –     विश्वकर्मा पूजा
  •  2 अक्टूबर शनिवार –   गांधी जयंती
  • 13 अक्टूबर बुधवार –     महाष्टमी
  • 14 अक्टूबर गुरुवार –    महानवमी
  • 15 अक्टूबर शुक्रवार –   विजयादशमी
  • 19 अक्टूबर मंगलवार – मिलाद-उल-नबी (पैगंबर मो. का जन्मदिवस)
  • 4 नवंबर गुरुवार –     दीपावली
  • 10 नवंबर बुधवार – सूर्य षष्ठी (सायं अर्घ्य)
  • 19 नवंबर शुक्रवार – श्री गुरु नानक जयंती
  • 25 दिसंबर शनिवार –  क्रिसमस

कार्यपालक अवकाश

  • सोहराय-13 जनवरी बुधवार
  •  मकर संक्राति-14 जनवरी गुरुवार
  •  सुभाषचंद्र बोस जयंती-23 जनवरी शनिवार
  •  बसंत पंचमी-16 फरवरी मंगलवार
  •  संत रविदास जयंती-27 फरवरी शनिवार
  •  मजदूर दिवस-1 मई शनिवार
  •  हूल दिवस-30 जून बुधवार
  •  रथयात्रा-12 जुलाई सोमवार
  •  विश्व आदिवासी दिवस-9 अगस्त सोमवार
  •  गणेश चतुर्थी-10 सितंबर शुक्रवार
  •  शारदीय नवरात्र-7 अक्टूबर गुरुवार
  • 12 अक्टूबर मंगलवार-     दशहरा (महासप्तमी)
  • 5 नवंबर शुक्रवार- गोवर्धन पूजा
  • 6 नवंबर शनिवार-  चित्रगुप्त पूजा-भैया दूज
  • 11 नवंबर गुरुवार –  छठ प्रात: अर्घ्य
  • 15 नवंबर सोमवार –  भगवान बिरसा मुंडा जयंती-राज्य स्थापना दिवस-

2021 बिहार की छुट्टियों का कैलेंडर- Bihar State Holiday Calender 2021

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2021 में बढ़ गई सरकारी छुट्टियां, जानिए किन 38 दिनों को सरकार ने घोषित किया अवकाश

बिहार सामान्य प्रशासन विभाग ने साल 2021 में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टीयों की घोषणा कर दी है.साल 2021  में सरकारी छुट्टियों की संख्या बढ़ गई है. सरकार ने साल 2021 में 39 छुट्टी की लिस्ट जारी की है. यानी इस साल 2021 में सरकारी कर्मचारी को अधिकतम 39 छुट्टीयां ही मिलेगी . वहीं इस साल महावीर जयंती की छुट्टी कर्मचारियों को नही मिलेगी . पिछले साल में कुल 35 दिन सरकारी अवकाश थे जबकि 2021 में छुट्टियों की संख्या 38 हो गयी है.

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सचिवालय कर्मी को नहीं मिलेगा ये अवकाश-

 बता दें कि इस साल दो छुट्टी का फायदा सचिवालय कर्मी को नहीं मिलेगा. सरकारी आदेश के मुताबिक रविदास जयंती और भाईदूज पूजा इस साल शनिवार और रविवार को है. ऐसे में कर्मियों को इसकी छुट्टी का लाभ नहीं मिलेगा.

तारीखदिनछुट्टियां / त्योहारों के नाम
20 जनवरीबुधवारगुरु गोविन्द सिंह जयंती
26 जनवरीमंगलवारगणतंत्र दिवस
16 फरवरीमंगलवारवसंत पंचमी
27 फरवरीशनिवारसंत रविदास जयंती
11 मार्चगुरूवारमहाशिवरात्रि
22 मार्चसोमवारबिहार दिवस
29 मार्चसोमवारशब ए बारात
29 मार्चरविवारहोली
30 मार्चसोमवारहोली
02 अप्रैलशुक्रवारगुड फ्राइडे
14 अप्रैलबुधवारअंबेडकर जयंती
20 अप्रैलमंगलवारसम्राट अशोक अष्टमी
21 अप्रैलबुधवारराम नवमी
23 अप्रैलशुक्रवारवीर कुंवर सिंह जयंती
25 अप्रैलरविवारमहावीर जयंती
1 मईशनिवारमई दिवस
14 मईशुक्रवारईद उल-फ़ित्र
20 मईगुरूवारजानकी नवमी
26 मईबुधवारबुद्ध पूर्णिमा
24 जूनगुरूवारकवीर जयंती
21 जुलाईबुधवारईद-उल-अधा (बकरीद)
15 अगस्तरविवारस्वतंत्रता दिवस
19 अगस्तगुरूवारमुहर्रम
30 अगस्तसोमवारजन्माष्टमी
28 सितम्बर मंगलवार चेहल्लुम
2 अक्टूबरशनिवारमहात्मा गांधी जयंती
13 अक्टूबरमंगलवारदशहरा / सप्तमी
13 अक्टूबरबुधवारदशहरा / महाअष्टमी
14 अक्टूबरगुरूवारदशहरा / महानवमी
15 अक्टूबरशुक्रवारदशहरा / विजयादशमी
19 अक्टूबरमंगलवारहजरत मोहम्मद साहब का जन्मदिन
04 नवंबरगुरूवारदिवाली
06 नवंबरशनिवारभैया दूज / चित्रगुप्त जयंती
10 नवंबरबुधवारछठ पूजा
11 नवंबरगुरूवारछठ पूजा
19 नवंबरशुक्रवारगुरु नानक जयंती 
25 दिसंबरशनिवारक्रिसमस