Divya Mittal IAS Biography Hindi – IIT-IIM से London की नौकरी और फिर IAS बनने की कहानी

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Divya Mittal IAS Biography Hindi

दिव्या मित्तल IAS का जीवन परिचय (Divya Mittal IAS Biography Hindi) सिर्फ एक सफल IAS officer की कहानी नहीं है। यह कहानी है एक ऐसी महिला की, जिसने IIT Delhi से Engineering, IIM Bangalore से MBA और London में J.P. Morgan जैसी कंपनी में नौकरी करने के बाद भी अपनी जिंदगी की दिशा बदलने का फैसला किया।

एक समय उनके पास विदेश की अच्छी नौकरी थी, लेकिन उन्होंने वह career छोड़कर भारत लौटने और UPSC Civil Services Examination की तैयारी करने का फैसला किया।

उन्होंने UPSC को एक बार नहीं, बल्कि लगातार तीन बार clear किया—पहली बार IRS, दूसरी बार IPS और तीसरी बार IAS। उनकी तीसरी कोशिश में उन्हें All India Rank 68 मिली और उत्तर प्रदेश कैडर मिला।  IAS बनने के बाद उनकी posting उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुई। उन्होंने Meerut, Gonda, Kanpur, Bareilly, Sant Kabir Nagar, Mirzapur और Deoria जैसे स्थानों पर अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं। (Mirzapur)

लेकिन उनकी पहचान सबसे ज्यादा तब बनी जब उन्होंने Mirzapur के पहाड़ी गांव Lahuria Dah में दशकों से चले आ रहे पानी के संकट को दूर करने के लिए प्रशासनिक मशीनरी को जमीन पर उतारा। और इस कहानी का सबसे भावुक दृश्य वह था, जब गांव में पहली बार नल से पानी आया और एक बुजुर्ग महिला ने उनके सिर पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया। दिव्या मित्तल ने बाद में लिखा कि वह स्पर्श उनके लिए किसी भी पद से ज्यादा यादगार रहा। (NDTV India)

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। 2023 में Mirzapur से उनका transfer भी चर्चा में रहा। इसके बाद waiting period, नई posting, Deoria में प्रशासनिक घटनाएं और अंततः अगस्त 2026 में 13 साल की IAS सेवा से इस्तीफा—उनका career कई उतार-चढ़ाव से गुजरा।

आइए, जानते हैं दिव्या मित्तल की पूरी कहानी।


दिव्या मित्तल कौन हैं?

दिव्या मित्तल 2013 बैच की Uttar Pradesh cadre IAS officer रही हैं।

वह मूल रूप से Rewari, Haryana से जुड़ी हैं और उन्होंने देश के दो प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई की—IIT Delhi और IIM Bangalore। इसके बाद उन्होंने London में financial sector में काम किया। (Hindustan Times)

IAS बनने से पहले उनका career corporate finance में था। लेकिन विदेश में अच्छी नौकरी होने के बावजूद उन्होंने Civil Services को अपना अगला लक्ष्य बनाया। उनका administrative career लगभग 13 साल चला।

इस दौरान वह:

  • NITI Aayog में Assistant Secretary
  • Meerut में Joint Magistrate/SDM
  • Gonda में Chief Development Officer
  • UPSIDC में Joint Managing Director
  • Bareilly Development Authority में Vice Chairperson
  • Sant Kabir Nagar की DM
  • Mirzapur की DM
  • Deoria की DM
  • UP Rural Road Development Agency की CEO
  • और अंत में Revenue Department में Special Secretary

जैसी जिम्मेदारियों पर रहीं। (Mirzapur)


दिव्या मित्तल की पढ़ाई कहां से हुई?

दिव्या मित्तल की education उनकी biography का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने IIT Delhi से B.Tech किया।

इसके बाद उन्होंने IIM Bangalore से MBA/PGDM किया।

उनकी academic journey थी:

IIT Delhi → IIM Bangalore → London → UPSC → IAS

उनकी अपनी LinkedIn profile और पुराने civil-services blog में IIT Delhi तथा IIM Bangalore की education का उल्लेख मिलता है। (LinkedIn)

यहां एक महत्वपूर्ण बात है। कई लोगों को लगता है कि IIT और IIM से पढ़ने के बाद career अपने आप तय हो जाता है। लेकिन दिव्या मित्तल की कहानी इसके उलट है। उन्होंने पहले Engineering की। फिर Management किया। फिर London में finance sector में career बनाया। और उसके बाद उस career को छोड़कर बिल्कुल अलग क्षेत्र—Public Administration—में चली गईं।


London में J.P. Morgan की नौकरी

IIM Bangalore से पढ़ाई पूरी करने के बाद दिव्या मित्तल London चली गईं।

वहां उन्होंने J.P. Morgan में financial sector में काम किया और exotic derivatives से जुड़ी भूमिका निभाई। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार उनका यह corporate stint 2007 के आसपास शुरू हुआ था। (NDTV India)

यह नौकरी किसी सामान्य शुरुआती career की तरह नहीं थी। एक तरफ London की अच्छी corporate job थी। दूसरी तरफ भारत में लौटकर UPSC की तैयारी करने का अनिश्चित रास्ता।

और उन्होंने दूसरा रास्ता चुना।


आखिर London की नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी क्यों की?

यह दिव्या मित्तल की जिंदगी का सबसे बड़ा turning point था। उनकी जिंदगी बाहर से काफी सफल दिखाई देती थी।

अच्छी education।

IIT की degree।

IIM की degree।

London की नौकरी।

लेकिन उनके लिए केवल पैसा और corporate success पर्याप्त नहीं था।

उन्होंने भारत लौटकर Civil Services की तैयारी शुरू की।

2026 में अपनी education पर लिखते हुए उन्होंने यह भी कहा कि elite education ने उन्हें कठिन exams और बड़ी responsibilities संभालना तो सिखाया, लेकिन जीवन की कुछ दूसरी महत्वपूर्ण चीजें—जैसे emotional well-being, loneliness और self-understanding—नहीं सिखाईं। (LinkedIn)

यानी समय के साथ उनके लिए सफलता का अर्थ भी बदलता गया।


UPSC में पहली बार नहीं मिली IAS

यह बात UPSC aspirants के लिए शायद उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। दिव्या मित्तल ने UPSC Civil Services Examination को लगातार तीन बार clear किया। उनके अपने civil-services blog के अनुसार:

वर्ष Rank Service
CSE 2010 AIR 332 IRS (Income Tax)
CSE 2011 AIR 134 IPS
CSE 2012 AIR 68 IAS

(Divya Mittal)

यानी पहली सफलता के बाद भी उन्होंने रुकने का फैसला नहीं किया। उन्हें IRS मिला। फिर उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और IPS मिला। लेकिन उनका लक्ष्य IAS था। इसलिए उन्होंने तीसरी बार फिर परीक्षा दी। और इस बार AIR 68 के साथ IAS हासिल किया।

यही उनकी कहानी का एक बहुत बड़ा lesson है:

पहली सफलता हमेशा आपकी अंतिम मंजिल नहीं होती।


LBSNAA में भी मिली बड़ी उपलब्धि

IAS बनने के बाद training के दौरान भी दिव्या मित्तल ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration (LBSNAA), Mussoorie में training के दौरान उन्हें Ashok Bambawale Memorial Award मिला। यह award outstanding IAS officer trainee के प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। LBSNAA के official award document में Divya Mittal का नाम और उनके award-winning score का उल्लेख है। (LBSNAA)

इसका मतलब यह है कि उनकी कहानी केवल UPSC rank तक सीमित नहीं थी। Training के दौरान भी उनका performance मजबूत रहा।


IAS बनने के बाद पहली बड़ी जिम्मेदारी – Meerut

IAS career की शुरुआत में दिव्या मित्तल को Meerut में Joint Magistrate/SDM के रूप में काम करने का अवसर मिला। यह उनके field administration career की शुरुआत थी।

यहां से उनका career केवल files और policy तक सीमित नहीं रहा।

अब उन्हें सीधे जमीन पर:

  • कानून-व्यवस्था
  • राजस्व
  • जनशिकायत
  • स्थानीय प्रशासन
  • सरकारी योजनाओं

जैसी जिम्मेदारियों से सामना करना था।

उपलब्ध posting records के अनुसार उन्होंने 2015 से 2017 तक Meerut में काम किया। (AajTak)


Gonda में Chief Development Officer बनीं

Meerut के बाद उन्हें Gonda में Chief Development Officer (CDO) बनाया गया। यह posting इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि अब उनका काम केवल law and order तक सीमित नहीं था। CDO के रूप में rural development और सरकारी योजनाओं के implementation से उनका सीधा संबंध था। यहीं से उनके career में development administration का अनुभव और गहरा हुआ।

2017 से 2018 के दौरान उन्होंने Gonda में CDO के रूप में काम किया। (Mirzapur)


NITI Aayog में भी किया काम

उनके career का एक अलग chapter था NITI Aayog। वहां उन्होंने Assistant Secretary के रूप में काम किया।

Mirzapur district administration की official profile के अनुसार, NITI Aayog में उनके कार्यकाल के दौरान उनके presentation को उन पांच presentations में चुना गया जिन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने प्रस्तुत किया गया था। (Mirzapur)

यह अनुभव महत्वपूर्ण था क्योंकि district administration से अलग यहां उन्हें national-level policy perspective देखने का अवसर मिला।


Sant Kabir Nagar की DM बनीं

इसके बाद दिव्या मित्तल को Sant Kabir Nagar का District Magistrate बनाया गया। यह उनके career का महत्वपूर्ण field posting phase था। DM के रूप में उन्हें जिले की overall administration की जिम्मेदारी मिली। यहीं से public-facing officer के रूप में उनकी पहचान और मजबूत हुई। इसके बाद सितंबर 2022 में उन्हें Mirzapur का District Magistrate बनाया गया। (NDTV India)

और यहीं उनकी सबसे चर्चित कहानी शुरू हुई।


Mirzapur का Lahuria Dah: जहां पानी पहुंचना भी मुश्किल था

Mirzapur का Lahuria Dah गांव पहाड़ी इलाके में स्थित है।

गांव की सबसे बड़ी समस्या थी— पानी।

लंबे समय तक यहां के लोग पानी के लिए tanker, दूर स्थित जलस्रोत और अन्य अस्थायी साधनों पर निर्भर रहे। दिव्या मित्तल के Mirzapur DM बनने के बाद इस समस्या को गंभीरता से लिया गया। पुराने surveys में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण गांव तक piped water पहुंचाना कठिन बताया गया था।

लेकिन इस बार approach अलग थी। नए सिरे से survey कराया गया। इंजीनियरों के साथ water-lifting system पर काम हुआ। Project को source, pumping, storage और distribution जैसे चरणों में बांटकर लागू किया गया।

और सबसे महत्वपूर्ण बात—

अधिकारी केवल office में बैठकर review नहीं कर रहे थे, बल्कि project की field-level monitoring भी की गई। (NDTV India)


75 साल बाद गांव के नल में आया पानी

लगभग नौ महीने की मेहनत के बाद अगस्त 2023 में Lahuria Dah के घरों तक पाइपलाइन से पानी पहुंचा। रिपोर्टों के अनुसार उस समय गांव के करीब 125 घरों तक पानी पहुंचा था। (NDTV India)

यह सिर्फ एक सरकारी project नहीं था। कई लोगों के लिए यह उनके जीवन में पहली बार घर के नल से पानी आने का अनुभव था। और फिर हुआ वह दृश्य जिसने दिव्या मित्तल की पूरी administrative journey पर गहरी छाप छोड़ी।


वह बुजुर्ग महिला, जिसने सिर पर हाथ रखा

जब गांव में पानी पहुंचा तो एक बुजुर्ग महिला ने दिव्या मित्तल के सिर पर हाथ रखा। वह भावुक थीं।

दिव्या मित्तल भी भावुक हो गईं। बाद में उन्होंने इस घटना को याद करते हुए बताया कि उस बुजुर्ग महिला का स्पर्श और आशीर्वाद उनके लिए बहुत खास था।

अगस्त 2026 में IAS से इस्तीफे की अपनी farewell post में भी उन्होंने इस महिला को याद किया। उन्होंने लिखा कि पद चला गया, लेकिन उस महिला का वह स्पर्श जीवन भर उनके साथ रहेगा। (NDTV India)

शायद यही वह क्षण था जिसने उन्हें यह महसूस कराया कि bureaucracy में किसी file को मंजूर करने से ज्यादा महत्वपूर्ण कभी-कभी यह होता है कि उसका असर किसी इंसान की जिंदगी में दिखाई दे।

दिव्या मित्तल ने बाद में अपने अनुभव को एक line में व्यक्त किया:

“Mirzapur taught me that ‘impossible’ is not a fact, but just an opinion.” (mint)


लेकिन पानी की कहानी के तुरंत बाद हुआ Transfer

Lahuria Dah में पानी पहुंचने के कुछ ही समय बाद दिव्या मित्तल का Mirzapur से transfer कर दिया गया। 30 अगस्त 2023 को गांव में पानी पहुंचा और उसके बाद उनके द्वारा किए गए एक छोटे “jal pujan” कार्यक्रम को लेकर protocol से जुड़ा विवाद सामने आया। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, उनके transfer के पीछे “protocol violation” को लेकर सवाल उठाए गए थे। (The Indian Express)

सितंबर 2023 में उन्हें Mirzapur से हटाया गया और कुछ समय के लिए वह waiting list पर रहीं। इस transfer को लेकर Mirzapur में काफी public reaction भी सामने आया। (The Indian Express)

यह episode उनकी कहानी का एक दूसरा पहलू दिखाता है।

एक तरफ ground-level achievement की प्रशंसा थी, दूसरी तरफ administrative protocol को लेकर विवाद।

किसी भी civil servant का career केवल उपलब्धियों से नहीं चलता। उसे rules, protocol, elected representatives और administrative hierarchy—सभी के बीच संतुलन बनाना पड़ता है।


Deoria की DM बनीं तो फिर चर्चा में आईं

जुलाई 2024 में दिव्या मित्तल को Deoria का District Magistrate बनाया गया।  Deoria में भी उन्होंने field administration पर जोर दिया।

एक उल्लेखनीय पहल में उन्होंने एक सरकारी गाड़ी रुकवाकर सड़क किनारे मौजूद स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों की समस्या सुनी और अधिकारियों को मामले की जांच के निर्देश दिए। (Oneindia Hindi)

एक अन्य कार्यक्रम में उन्होंने 12वीं की एक छात्रा को कुछ समय के लिए DM की भूमिका का अनुभव भी कराया। इस तरह के प्रयासों का उद्देश्य बच्चों को प्रशासन और public service के प्रति प्रेरित करना था। (Navbharat Times)


स्कूल मांगने वाली बुजुर्ग महिला की कहानी

दिव्या मित्तल के resignation के बाद उन्होंने Mirzapur की एक और घटना साझा की, जो शायद Lahuria Dah की पानी वाली कहानी से भी ज्यादा सोचने पर मजबूर करती है।

एक inspection के दौरान उन्हें उम्मीद थी कि गांव की महिला उनसे pension , घर राशन या कोई basic सुविधा मांगेगी। लेकिन उस महिला ने उनसे अपने गांव में school की मांग की। दिव्या मित्तल के अनुसार उन्होंने school sanction कर दिया था, लेकिन बाद में भी construction शुरू नहीं हुआ।

यह घटना उनके लिए bureaucracy की एक बड़ी समस्या को सामने लाती है—

कागज पर मंजूरी और जमीन पर implementation के बीच का अंतर। (The Indian Express)

यही अनुभव बाद में उनके public statements में भी दिखाई दिया, जहां उन्होंने sanctioned schools, roads, land leases और अन्य योजनाओं के ground-level implementation पर सवाल उठाए। (The Indian Express)


2026 में IAS की नौकरी छोड़ने का फैसला

दिव्या मित्तल के career का सबसे बड़ा recent turning point अगस्त 2026 में आया। उन्होंने लगभग 13 साल की IAS service के बाद इस्तीफा देने की घोषणा की। उस समय वह Uttar Pradesh Revenue Department में Special Secretary थीं। (The Indian Express)

उनकी farewell post में उन्होंने अपने पूरे career को याद किया। उन्होंने लिखा कि यह 13 साल उनके लिए unforgettable journey रहे।

लेकिन उन्होंने अपने message में resignation का कोई एक स्पष्ट व्यक्तिगत या प्रशासनिक कारण घोषित नहीं किया। इसलिए उनकी resignation को किसी एक कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा। (mint)


इस्तीफे के बाद भी उनका public-service journey खत्म नहीं हुआ

सितंबर 2026 में दिव्या मित्तल ने अपनी आगे की दिशा के बारे में सार्वजनिक रूप से बताया कि वह राजनीति में प्रवेश करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं जिनकी समस्याएं सरकार तक नहीं पहुंचतीं। उन्होंने किसी राजनीतिक दल के झंडे के नीचे काम करने के बजाय स्वतंत्र राजनीतिक पहल की बात कही। (The Indian Express)

यह उनके career का नया chapter है। इसलिए आज उनकी biography को केवल “पूर्व IAS officer” तक सीमित करके देखना पूरी कहानी नहीं होगी।


निष्कर्ष

दिव्या मित्तल IAS का जीवन परिचय हमें यह दिखाता है कि सफलता केवल किसी prestigious degree या बड़े पद का नाम नहीं है।

IIT Delhi और IIM Bangalore जैसी शानदार academic background होने के बावजूद दिव्या मित्तल ने अपने career को एक ही दिशा में नहीं चलाया।

उन्होंने London की corporate नौकरी की। फिर उसे छोड़ा। UPSC दिया। और IAS बनने के बाद भी उन्होंने केवल एक तरह का administrative काम नहीं किया। उन्होंने policy, development, industry, urban planning और district administration—कई क्षेत्रों में काम किया। (Divya Mittal)

लेकिन उनके career की सबसे यादगार तस्वीर शायद किसी office की नहीं है। वह तस्वीर है Lahuria Dah की उस बुजुर्ग महिला की, जिसने अपने घर में पानी आते देखा और दिव्या मित्तल के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया।

दिव्या मित्तल के लिए वह क्षण किसी award से बड़ा बन गया। और शायद यही public service की सबसे बड़ी खूबसूरती है।

2026 में उन्होंने IAS से इस्तीफा देकर अपने career का एक नया अध्याय शुरू किया और राजनीति में प्रवेश की घोषणा की। (The Indian Express)

उनकी कहानी को एक line में कहा जाए तो शायद वह यह होगी—

“करियर बदल सकता है, पद बदल सकता है, रास्ते बदल सकते हैं—लेकिन अगर सीखने और कुछ करने की इच्छा बनी रहे, तो हर मोड़ एक नई शुरुआत बन सकता है।”


दिव्या मित्तल IAS के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

विषय जानकारी
नाम दिव्या मित्तल
IAS Batch 2013
Cadre Uttar Pradesh
मूल स्थान Rewari, Haryana से जुड़ी
B.Tech IIT Delhi
MBA/PGDM IIM Bangalore
विदेश में नौकरी J.P. Morgan, London
UPSC पहली सफलता IRS
UPSC दूसरी सफलता IPS
UPSC तीसरी सफलता IAS
IAS Rank AIR 68
LBSNAA Achievement Ashok Bambawale Memorial Award
NITI Aayog Assistant Secretary
Meerut Joint Magistrate/SDM
Gonda Chief Development Officer
UPSIDC/UPSIDA Joint Managing Director
Bareilly Vice Chairperson, BDA
DM Sant Kabir Nagar
DM Mirzapur
DM Deoria
UPRRDA CEO
अंतिम ज्ञात सरकारी पद Special Secretary, Revenue Department, UP
IAS सेवा लगभग 13 वर्ष
IAS से इस्तीफा अगस्त 2026
2026 में आगे की दिशा राजनीति में प्रवेश की घोषणा

(Mirzapur)


Frequently Asked Questions (FAQs)

दिव्या मित्तल IAS कौन हैं?

दिव्या मित्तल 2013 बैच की Uttar Pradesh cadre IAS officer रही हैं। उन्होंने IIT Delhi और IIM Bangalore से पढ़ाई की और IAS बनने से पहले London में financial sector में काम किया।

दिव्या मित्तल ने कहां से पढ़ाई की?

उन्होंने IIT Delhi से B.Tech और IIM Bangalore से MBA/PGDM किया।

दिव्या मित्तल ने IAS बनने से पहले क्या नौकरी की?

उन्होंने London में J.P. Morgan में financial sector में काम किया और exotic derivatives से जुड़ी भूमिका निभाई।

दिव्या मित्तल ने UPSC कितनी बार पास किया?

उनके अपने civil-services blog के अनुसार उन्होंने लगातार तीन बार UPSC Civil Services Examination clear किया—2010 में IRS, 2011 में IPS और 2012 में IAS।

दिव्या मित्तल की UPSC Rank कितनी थी?

IAS के लिए चयन वाली परीक्षा में उनकी All India Rank 68 थी।

वह Sant Kabir Nagar, Mirzapur और Deoria की District Magistrate रही हैं।

दिव्या मित्तल का Mirzapur में कौन सा काम सबसे ज्यादा चर्चित हुआ?

Mirzapur के Lahuria Dah गांव में piped drinking water पहुंचाने का काम उनके सबसे चर्चित प्रशासनिक कार्यों में रहा। लंबे समय तक tanker पर निर्भर रहे गांव में 2023 में घरों तक पाइपलाइन से पानी पहुंचा।

Lahuria Dah की कहानी इतनी खास क्यों है?

गांव की कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण वहां piped water पहुंचाना लंबे समय से मुश्किल माना जाता था। नए survey, water-lifting system और field monitoring के जरिए project को पूरा किया गया और करीब 125 घरों तक पानी पहुंचा।

दिव्या मित्तल का Mirzapur से transfer क्यों हुआ?

पानी पहुंचने के बाद हुए एक “jal pujan” कार्यक्रम को लेकर protocol से संबंधित विवाद सामने आया था। इसके बाद सितंबर 2023 में उनका transfer हुआ और बाद में वह waiting list पर रहीं। इस प्रकरण को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।

दिव्या मित्तल ने IAS से इस्तीफा क्यों दिया?

उन्होंने अगस्त 2026 में IAS से इस्तीफा देने की घोषणा की, लेकिन अपने सार्वजनिक farewell message में इस्तीफे का कोई एक स्पष्ट प्रशासनिक कारण नहीं बताया। इसलिए उनके इस्तीफे को किसी एक कथित कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा।

क्या दिव्या मित्तल अब राजनीति में हैं?

सितंबर 2026 में उन्होंने सार्वजनिक रूप से राजनीति में प्रवेश करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के झंडे के नीचे नहीं बल्कि स्वतंत्र रूप से लोगों की आवाज बनने की कोशिश करेंगी।


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