अपने ओसरवां कोशिल्या रानी
अपने ओसरवां कोशिल्या रानी अपने ओसरवां कोशिल्या रानी राम के उलारेली राम के दुलारेली हो आरे उलटी उलटी राम के देखेली देखत नीक लागेला भीखिया मांगत दुई ब्राह्मण रानी से अरज करें रानी कवन कवन तप कईलू त राम गोदी बिहसेले माघ ही मॉस नहईलीं अगिनी नाही तपली हो ए ब्राह्मन जेठ नाही बेनिया दोलावली…
