NICE SAYING (PAGE-7 )

0
197

अच्छी बातें  (NICE THOUGHT)

PAGE -7

तलाश सिर्फ सुकून कि होती हैं ..
नाम रिश्ते का चाहे जो भी हो ..!!

=========================================

यहाँ मज़बूत से मज़बूत लोहा टूट जाता है..
कई झूठे इकट्ठे हों तो सच्चा टूट जाता है..
=========================================
हमारे दोस्तों में कोई दुश्मन हो भी सकता है..
ये अँग्रेज़ी दवाएँ है, रिएक्शन हो भी सकता है..
=========================================
लोग रोने के लिये कंधा नही देते
मरने तक इंतजार करते है…
=========================================
रोता वही है जिसने महसूस किया हो सच्चे रिश्ते को..
वरना मतलब के रिश्तें रखने वाले को तो कोई भी नही रूला सकता..
=========================================
खामोशियां ही बेहतर है
शब्दों से लोग रूठते बहुत है।
=========================================
दिल की बातें तो आखों से होती हैं,
अल्फाजों से तो अक्सर झगड़ा होता है..
=========================================
कलम में जोर जितना है जुदाई की बदौलत है…
मिलने के बाद लिखने वाले लिखना छोड़ देते है…
=========================================
अजीब दस्तूर है ज़माने का,
अच्छी यादें पेनड्राइव में और बुरी यादें दिल में रखते है!!!!
=========================================
न पूरी तरह से क़ाबिल, न पूरी तरह से पूरा है,
हर एक शख्स कहीं न कही से अधूरा है…!!
=========================================
फासलों का एहसास तब हुआ..
जब मैंने कहा हम ठीक हैं…
और उन्होंने मान लिया.!!
=========================================
कभी साथ है तो कभी खिलाफ है…
वक्त का भी आदमी जैसा हाल है!
=========================================
ऐ मुसीबत मेरे पास सोच समजकर आना,,
मेरी माँ की दुवा कही तेरे लिए मुसीबत ना बन जाए…
=========================================
अगर बनना है तो उस तालाब की तरह बनो..!
जहाँ शेर भी पानी पिता है और बकरी भी…
“मगर सर झुका के….! ”
=========================================
हर धड़कते पत्थर को, लोग दिल समझते हैं
उम्र बीत जाती है, दिल को दिल बनाने में…
=========================================
शायरी वही जिसे पढ़ कर दिल को यूँ लगे कि,
अरे हाँ यही बात तो मैं कहना चाहता था !!
=========================================
ऐ मौसम तू चाहे कितना भी बदल जा पर तुझे
इंसानो की तरह बदलने का हुनर आज भी नहीं आता ..
=========================================
दोस्तों की गालियों में ही उनका प्यार छुपा होता है…
वरना प्यार से बात तो अनजान भी करते हैं…
=========================================
होने वाले “खुद” ही “अपने” हो जाते हैं,
किसी को “कह कर” “अपना” बनाया नहीं जाता..
=========================================
झुठे हैं वो जो कहते हैं हम सब मिट्टी से बने हैं
मैं कई अपनों से वाकीफ हूं जो पत्थर के बने हैं!
=========================================
हसरतेँ पुरी ना हो तो ना सहीँ,
ख्वाब देखना तो कोई गुनाह नही ।
=========================================
जब कभी टूट कर बिखरो तो बताना हमको,
हम तुम्हें रेत के जर्रों से भी चुन सकते हैं…!!!
=========================================
जिंदगी में बेशक हर मौके का जरुर फायदा उठाओ,
मगर किसी के हालात और मजबूरी का नहीं !!
=========================================
मुस्कुराहट एक कमाल की “पहेली” है,,,,,
जितना बताती है, उससे कहीं ज्यादा छुपाती हैं..!!
=========================================
तुझे तराश तराश कर हीरा बना दिया मैंने . .
अब मुझसे ही तेरी कीमत अदा नहीं होती ..
=========================================
इतनी चाहत तो लाखो रुपये पाने की भी नही होती..
जितनी बच्चों को देखकर बचपन में जाने की होती हैं..।।
=========================================
उम्र भर तैयार है,,,हम मुस्कुराने काे..
बस शर्त ये है कि,,,तुम साथ मुस्कराना….!!
=========================================
शोहरत……बेशक चुपचाप गुजर जाये…
कमबख्त….. बदनामी बड़ा शोर करती है..
=========================================
इंकार जैसी लज़्जत…
इक़रार में कहां…
ना.. ना.. में छुपी हो जब मोहब्बत…
फिर  हाँ.. हाँ..  मे  वो बात कहाँ….
=========================================
काश दर्द के भी पैर होते।
थक के रुक तो जाते कंही।
=========================================
सही वक़्त पर पिए गए “कड़वे घूंट”
अक़्सर ज़िन्दगी “मीठी” कर दिया करते है।
=========================================
निकाल कर जिस्म से…अपनी जान दे देता है..
बडा ही मजबूत है…वो पिता…जो कन्यादान देता है…
=========================================
कागज़ के नोटों से आखिर किस किस को खरीदोगे,
किस्मत परखने के लिए यहाँ आज भी,
सिक्का हीं उछाला जाता है
=========================================
मुझे उसकी ये मासुम अदा बहुत भाती है……
नाराज मुझ से होती है और गुस्सा सबको दिखाती है…..
=========================================
सर पर जो हाथ फेरे तो हिम्मत मिल जाये,
माँ एक बार मुस्कुरा दे तो जन्नत मिल जाये !
=========================================
जब अल्फ़ाज़ पन्नों पे शोर करने लगें…
समझ लेना सन्नाटे बढ़ गये हैं दिल मे !
=========================================
हम तो फूलों की तरह अपनी आदत से बेबस हैं
तोड़ने वाले को भी खुशबू की सजा देते है …
=========================================
“मतलब” का वजन बहुत ज्यादा होता है,
तभी तो “मतलब” निकलते ही रिश्ते हल्के हो जाते है.
=========================================
***********************************************
=========================================
Thanks for reading

Leave a Reply