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तुम्हारे नाम की इक ख़ूबसूरत शाम हो जाये – बशीर बद्र
तुम्हारे नाम की इक ख़ूबसूरत शाम हो जाये (कविता ) – बशीर बद्र TUMHARE NAME KI EK KHUBSURAT SHAM HO JAYE – BASHIR BADRA कभी तो आसमाँ से चांद उतरे जाम हो जाये तुम्हारे नाम की इक ख़ूबसूरत शाम हो जाये हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाये चराग़ों की तरह आँखें जलें…
बाकी बच गया अण्डा (कविता ) – बाबा नागार्जुन
बाकी बच गया अण्डा प्रसिद्ध हिंदी कविता – बाबा नागार्जुन पाँच पूत भारतमाता के, दुश्मन था खूँखार गोली खाकर एक मर गया, बाक़ी रह गए चार चार पूत भारतमाता के, चारों चतुर-प्रवीन देश-निकाला मिला एक को, बाक़ी रह गए तीन तीन पूत भारतमाता के, लड़ने लग गए वो अलग हो गया उधर एक, अब…
क़दम मिला कर चलना होगा – अटल बिहारी वाजपेयी
क़दम मिला कर चलना होगा – अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी कविता भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का 16 अगस्त 2018 को निधन हो गया . उन्हें एक बार नहीं बल्कि तीन बार भारत के प्रधानमंत्री होने का गौरव प्राप्त हुआ. लेकिन वो सिर्फ नेता नहीं थे, उन विरले नेताओं में से थे,…
अफ़सोस नहीं इसका हमको – गोपाल सिंह नेपाली
अफ़सोस नहीं इसका हमको गोपाल सिंह नेपाली अफ़सोस नहीं इसका हमको, जीवन में हम कुछ कर न सके, झोलियाँ किसी की भर न सके, सन्ताप किसी का हर न सके। अपने प्रति सच्चा रहने का, जीवन भर हमने काम किया, देखा-देखी हम जी न सके, देखा-देखी हम मर न सके ।
क्या हूँ मैं तुम्हारे लिए -निर्मला पुतुल
क्या हूँ मैं तुम्हारे लिए – हिंदी कविता निर्मला पुतुल क्या हूँ मैं तुम्हारे लिए…? एक तकिया कि कहीं से थका-मांदा आया और सिर टिका दिया कोई खूँटी कि ऊब, उदासी थकान से भरी कमीज़ उतारकर टाँग दी या आँगन में तनी अरगनी कि कपड़े लाद दिए घर कि सुबह निकला और शाम लौट आया…
बेसन की सोंधी रोटी पर खट्टी चटनी जैसी माँ – निदा फ़ाज़ली
बेसन की सोंधी रोटी पर खट्टी चटनी जैसी माँ – निदा फ़ाज़ली बेसन की सोंधी रोटी पर खट्टी चटनी जैसी माँ याद आती है चौका-बासन चिमटा फुकनी जैसी माँ बाँस की खुर्री खाट के ऊपर हर आहट पर कान धरे आधी सोई आधी जागी थकी दोपहरी जैसी माँ चिड़ियों के चहकार में गूंजे राधा-मोहन…
