Best Hindi Kavita

थक कर बैठ गये क्या भाई मन्जिल दूर नहीं है

Amit Kumar Sachin

आशा का दीपक – रामधारी सिंह “दिनकर” यह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल दूर नहीं है थक कर बैठ ...

आओ फिर से दिया जलाएँ – अटल बिहारी वाजपेयी

Amit Kumar Sachin

आओ फिर से दिया जलाएँ – अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी कविता  भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का ...

koshish karne walo ki kabhi har nahi hoti

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती- हरिवंश राय बच्चन

Amit Kumar Sachin

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती – कविता  KOSHISH KARNE WALO KI HAR NAHI HOTI -HARIWANSH RAI BACHHAN (नोट-कई ...

nar ho n nirash karo man ko

नर हो न निराश करो मन को मैथिलीशरण गुप्त

Amit Kumar Sachin

नर हो न निराश करो मन को मैथिलीशरण गुप्त (MAITHILI SHARAN GUPT)   कुछ काम करो, कुछ काम करो जग ...

GULABI CHUDIYA-NAGARJUN

Amit Kumar Sachin

गुलाबी चूड़ियाँ नागार्जुन जब भी कभी नागार्जुन जी का नाम दिमाग में आया सबसे पहले गुलाबी चूड़ियाँ ही याद आई ...

nar ho na nirash karo man ko

नर हो न निराश करो मन को – मैथिलीशरण गुप्त

Amit Kumar Sachin

नर हो, न निराश करो मन को  मैथिलीशरण गुप्त (MAITHILI SHARAN GUPT)   कुछ काम करो, कुछ काम करो जग ...

VEERO KA KAISA HO VASANT-SUBHADRA KUMARI CHAUHAN

Amit Kumar Sachin

वीरों का हो कैसा वसन्त सुभद्रा कुमारी चौहान (SUBHADRA KUMARI CHAUHAN) आ रही हिमालय से पुकार है उदधि गरजता बार ...