गुनाहों का देवता (उपन्यास) – भाग 20
गुनाहों के देवता – धर्मवीर भारती भाग 20 इतने में सुधा आयी और चन्दर से बोली, ”चन्दर! चलो, वो बुला रहे हैं!” चन्दर चुपचाप उठा और अन्दर गया। कैलाश ने तब तक यात्रा के कपड़े पहन लिये थे। देखते ही बोला, ”अच्छा चन्दर, मैं चलता हूँ। कल शाम तक आ जाने की कोशिश करूँगा।…
