गुनाहों का देवता (उपन्यास) – अंतिम भाग
गुनाहों के देवता – धर्मवीर भारती अंतिम भाग सहसा नर्स आकर बोली, ”ब्लीडिंग फिर शुरू हो गयी और नाड़ी डूब रही है। डॉक्टर को बुलाइए…फौरन!” और वह लौट गयी। डॉक्टर साहब उठ खड़े हुए। उनकी आँखों में बड़ी निराशा थी। बड़ी उदासी से बोले, ”जा रहा हूँ, चन्दर! अभी आता हूँ!” चन्दर ने देखा, कार…
