• | | | |

    GAURI SAWANT BIOGRAPHY IN HINDI

      गौरी सावंत (सामाजिक कार्यकर्ता)   मेरी सबसे बड़ी पहचान यह है कि मैं गायत्री की मां हूं।  मुङो मां का प्यार नसीब नहीं हुआ,  लेकिन मैं अपनी बच्ची को यह कमी कभी महसूस नहीं होने दूंगी।  वह मेरा गुरूर है। मैं उसे खूब पढ़ाऊंगी।  मेरा सपना है कि वह एक आत्मनिर्भर इंसान बने।  …

  • | | |

    LILLY SINGH BIOGRAPHY IN HINDI

    लिली सिंह ( यू-ट्यूबसेलिब्रिटी,कॉमेडियन )   उन दिनों मैं डिप्रेशन से लड़ रही थी।  अपने मन की खुशी के लिए कुछ कॉमेडी वीडियो बनाए।  नहीं पता था कि यू-ट्यूब में इतनी कामयाबी और शोहरत मिल जाएगी।  अगर मम्मी-पापा साथ नहीं देते,  तो मैं यह मुकाम कभी हासिल नहीं कर पाती। लिली के माता-पिता पंजाब के…

  • | |

    CHETESHWAR PUJARA BIOGRAPHY IN HINDI

      चेतेश्वर पुजारा (CHETESHWAR PUJARA) भारतीय  क्रिकेटर   मां की मौत के बाद पापा की जिम्मेदारी बढ़ गई।  घर में सुबह जल्दी उठकर मां की तरह मेरे लिए नाश्ता बनाते।  मेरी हर जरूरत का ध्यान रखते।  स्टेडियम में पहुंचते ही कोच बनकर मुङो क्रिकेट की ट्रेनिंग देते।  मेरी कामयाबी पापा की मेहनत का नतीजा है।…

  • | |

    SHARDA SINHA BIOGRAPHY IN HINDI

    शारदा सिन्हा (SARDA SINHA ) (गायिका)   बिहार में छठ के पारंपरिक गीत हों या विवाह के मौके पर कानों में अक्सर सुनाई देने वाले गीत,इन गीतों का दूसरा नाम ही पद्मश्री शारदा सिन्हा कहा जाता है। शारदा कहती हैं कि बचपन में पटना में रहकर शिक्षा ले रही थी,स्कूल और कॉलेज के दिनों में…

  • | |

    ANOYARA KHATUN BIOGRAPHY IN HINDI

      अनोयरा खातून   (सामाजिक कार्यकर्ता)   पांच साल की थी मैं, जब पापा गुजर गए।  घर के हालात खराब थे।  फिर एक तस्कर काम के बहाने मुझे  दिल्ली ले आया।  छह महीने बाद मैं भागकर वापस गांव पहुंची।  तब मैंने तय किया कि  अब गांव के किसी बच्चे का जीवन बर्बाद नहीं होने दूंगी।  …

  • |

    SADGATI-MUNSHI PREMCHAND

    सद्गति  (रचनाकार: मुंशी प्रेमचंद) दुखी चमार द्वार पर झाडू लगा रहा था और उसकी पत्नी झुरिया, घर को गोबर से लीप रही थी। दोनों अपने-अपने काम से फुर्सत पा चुके थे, तो चमारिन ने कहा, ‘तो जाके पंडित बाबा से कह आओ न। ऐसा न हो कहीं चले जाएं जाएं।’ दुखी -‘ हाँ जाता हूँ,…

  • PARDA-YASHPAL

    परदा    ( रचनाकार: यशपाल ) कथा-कहानी चौधरी पीरबख्श के दादा चुंगी के महकमे में दारोगा थे । आमदनी अच्छी थी । एक छोटा, पर पक्का मकान भी उन्होंने बनवा लिया । लड़कों को पूरी तालीम दी । दोनों लड़के एण्ट्रेन्स पास कर रेलवे में और डाकखाने में बाबू हो गये । चौधरी साहब की…

  • |

    MAMTA-JAYSHANKAR PRASAD

    ममता    ( रचनाकार: जयशंकर प्रसाद )  (कथा-कहानी)  रोहतास-दुर्ग के प्रकोष्ठ में बैठी हुई युवती ममता, शोण के तीक्ष्ण गम्भीर प्रवाह को देख रही है। ममता विधवा थी। उसका यौवन शोण के समान ही उमड़ रहा था। मन में वेदना, मस्तक में आँधी, आँखों में पानी की बरसात लिये, वह सुख के कण्टक-शयन में विकल…

  • |

    ताई-विश्‍वंभरनाथ शर्मा कौशिक

      ताई (TAI)   (विश्‍वंभरनाथ शर्मा कौशिक)   कथा कहानी  ”ताऊजी, हमें लेलगाड़ी (रेलगाड़ी) ला दोगे?” कहता हुआ एक पंचवर्षीय बालक बाबू रामजीदास की ओर दौड़ा। बाबू साहब ने दोंनो बाँहें फैलाकर कहा- ”हाँ बेटा,ला देंगे।” उनके इतना कहते-कहते बालक उनके निकट आ गया। उन्‍होंने बालक को गोद में उठा लिया और उसका मुख चूमकर…

  • |

    HAAR KI JEET -SUDERSHAN

      हार  की  जीत  (सुदर्शन)   हिंदी कथा कहानी  माँ को अपने बेटे और किसान को अपने लहलहाते खेत देखकर जो आनंद आता है, वही आनंद बाबा भारती को अपना घोड़ा देखकर आता था। भगवद्-भजन से जो समय बचता, वह घोड़े को अर्पण हो जाता। वह घोड़ा बड़ा सुंदर था, बड़ा बलवान। उसके जोड़ का…