एक ऐसा बिहारी नेता जिसने भारतीय राजनीती और दलित समाज को नयी दिशा प्रदान की
तुल न सके धरती धन धाम, धन्य तुम्हारा पावन नाम, लेकर तुम सा लक्ष्य ललाम, सफल काम जगजीवन राम। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की देश के विख्यात राजनेता जगजीवन राम के बारे में कही गयी ये पंक्तियां उनके व्यक्तित्व का प्रतिबिंब हैं। आजादी के बाद भारतीय राजनीति में ऐसे कम ही नेता रहे हैं जिन्होंने न केवल मंत्री…
