दिया जलाना कब मना है? – हरिवंशराय बच्चन
दीवा जलाना कब मना है? – हरिवंशराय बच्चन DIYA JALANA KAB MANA HAI – HARIVANSH RAI BACHCHAN कल्पना के हाथ से कमनीय जो मंदिर बना था भावना के हाथ ने जिसमें वितानों को तना था स्वप्न ने अपने करों से था जिसे रुचि से सँवारा स्वर्ग के दुष्प्राप्य रंगों से, रसों से जो सना था…
