जयशंकर प्रसाद

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    CHHOTA JADOOGAR JAYSHANKAR PRASAD

    छोटा जादूगर (कहानी ) जयशंकर प्रसाद उसके मुँह पर तिरस्‍कार की हँसी फूट पड़ी। उसने कहा, ”तमाशा देखने नहीं, दिखाने निकला हूँ। कुछ पैसे ले जाऊँगा, तो माँ को पथ्‍य दूँगा। मुझे शरबत न पिलाकर आपने मेरा खेल देखकर मुझे कुछ दे दिया होता, तो मुझे अधिक प्रसन्‍नता होती!”   कार्निवल के मैदान में बिजली जगमगा रही थी। हँसी…

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    MAMTA-JAYSHANKAR PRASAD

    ममता    ( रचनाकार: जयशंकर प्रसाद )  (कथा-कहानी)  रोहतास-दुर्ग के प्रकोष्ठ में बैठी हुई युवती ममता, शोण के तीक्ष्ण गम्भीर प्रवाह को देख रही है। ममता विधवा थी। उसका यौवन शोण के समान ही उमड़ रहा था। मन में वेदना, मस्तक में आँधी, आँखों में पानी की बरसात लिये, वह सुख के कण्टक-शयन में विकल…