गुनाहों के देवता (उपन्यास) – भाग 10
गुनाहों के देवता (उपन्यास) – भाग 10 ”मौन का मतलब हाँ है न?” चन्दर ने पूछा। सुधा ने कुछ नहीं कहा। झुककर चन्दर के पैरों को अपने होठों से छू लिया और पलकों से दो आँसू चू पड़े। चन्दर ने सुधा को उठा लिया और उसके माथे पर हाथ रखकर कहा, ”ईश्वर तुम्हारी आत्मा…
