मुस्लिम लड़की को हुआ हिंदू से प्यार तो सियासत में आया भूचाल-सचिन पायलट और सारा की लव स्टोरी
कश्मीर में इस शादी का हुआ था काफी विरोध
कहते हैं कि प्यार किसी की जात और मजहब नहीं देखता। पवित्र प्यार वह अनुभूति है जो हर किसी को अपने साथी के प्रति वफादार बना देता है। इतिहास गवाह है कि जमाना प्यार का दुश्मन रहा है लेकिन जब प्यार सच्चा हो तो वह इन सबकी परवाह नहीं करता और लोग इसे सलाम करते हैं।
फारूक अब्दुल्लाह की बेटी से हुआ इश्क
कई लोगो ने किया था विरोध
विदेश में पढ़ाई के दौरान हुई थी मुलाकात
विदेश में पढ़ाई के दौरान सचिन और सारा मुलाकात हुई थी। बाद में दोनों ने शादी का फैसला किया। चूंकि वे दोनों ही चर्चित राजनीतिक परिवारों से हैं, इसलिए कई लोगों ने आशंका जाहिर की थी कि इस शादी का असर उनके राजनीतिक भविष्य पर पड़ सकता है।
