KALPVRIKSHA(कल्पवृक्ष )-KAHANI
कल्पवृक्ष -एक बेटी की सोच (कहानी) “पापा चाय” बेटी के इन शब्दों से जैसे मेरी तंद्रा भंग हुई। बगीचे में पौधों को पानी देते हुए मैं बेटी के बारे में ही सोच रहा था। अच्छा-सा घर और अच्छा सा वर देखकर शादी कर दी है , लेकिन सुंदर, सुशील गुड़िया, जो घर-परिवार और दोस्तों सभी…
