कदम बढाने वाले , कलम चलाने वाले – हरिवंशराय बच्चन
कदम बढाने वाले , कलम चलाने वाले हरिवंशराय बच्चन अगर तुम्हारा मुकाबला दीवार से है, पहाड़ से है, खाई-खंदक से, झाड़-झंकाड़ से है तो दो ही रास्ते हैं- दीवार को गिराओ, पहाड़ को काटो, खाई-खंदक को पाटो, झाड़-झंकाड़ को छांटो, दूर हटाओ और एसा नहीं कर सकते- सीमाएँ सब की हैं- तो उनकी तरफ…
