ADARSH PREM -HARIVANSH RAI BACHCHAN
आदर्श प्रेम / हरिवंशराय बच्चन प्यार किसी को करना लेकिन कह कर उसे बताना क्या अपने को अर्पण करना पर और को अपनाना क्या गुण का ग्राहक बनना लेकिन गा कर उसे सुनाना क्या मन के कल्पित भावों से औरों को भ्रम में लाना क्या ले लेना सुगंध सुमनों की तोड उन्हे मुरझाना क्या प्रेम…
