हिंदी कहानी

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    ताई -विश्‍वंभरनाथ शर्मा कौशिक (हिंदी कहानी )

    ताई -विश्‍वंभरनाथ शर्मा कौशिक (हिंदी कहानी )   ”ताऊजी, हमें लेलगाड़ी (रेलगाड़ी) ला दोगे?” कहता हुआ एक पंचवर्षीय बालक बाबू रामजीदास की ओर दौड़ा। बाबू साहब ने दोंनो बाँहें फैलाकर कहा- ”हाँ बेटा,ला देंगे।” उनके इतना कहते-कहते बालक उनके निकट आ गया। उन्‍होंने बालक को गोद में उठा लिया और उसका मुख चूमकर बोले- ”क्‍या…

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    दोपहर का भोजन -अमरकांत (हिंदी कहानी )

    दोपहर का भोजन -अमरकांत (हिंदी कहानी )   सिद्धेश्वरी ने खाना बनाने के बाद चूल्हे को बुझा दिया और दोनों घुटनों के बीच सिर रख कर शायद पैर की उँगलियाँ या जमीन पर चलते चीटें-चीटियों को देखने लगी। अचानक उसे मालूम हुआ कि बहुत देर से उसे प्यास नहीं लगी हैं। वह मतवाले की तरह…

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    CHHOTA JADOOGAR JAYSHANKAR PRASAD

    छोटा जादूगर (कहानी ) जयशंकर प्रसाद उसके मुँह पर तिरस्‍कार की हँसी फूट पड़ी। उसने कहा, ”तमाशा देखने नहीं, दिखाने निकला हूँ। कुछ पैसे ले जाऊँगा, तो माँ को पथ्‍य दूँगा। मुझे शरबत न पिलाकर आपने मेरा खेल देखकर मुझे कुछ दे दिया होता, तो मुझे अधिक प्रसन्‍नता होती!”   कार्निवल के मैदान में बिजली जगमगा रही थी। हँसी…

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    SADGATI-MUNSHI PREMCHAND

    सद्गति  (रचनाकार: मुंशी प्रेमचंद) दुखी चमार द्वार पर झाडू लगा रहा था और उसकी पत्नी झुरिया, घर को गोबर से लीप रही थी। दोनों अपने-अपने काम से फुर्सत पा चुके थे, तो चमारिन ने कहा, ‘तो जाके पंडित बाबा से कह आओ न। ऐसा न हो कहीं चले जाएं जाएं।’ दुखी -‘ हाँ जाता हूँ,…

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    MAMTA-JAYSHANKAR PRASAD

    ममता    ( रचनाकार: जयशंकर प्रसाद )  (कथा-कहानी)  रोहतास-दुर्ग के प्रकोष्ठ में बैठी हुई युवती ममता, शोण के तीक्ष्ण गम्भीर प्रवाह को देख रही है। ममता विधवा थी। उसका यौवन शोण के समान ही उमड़ रहा था। मन में वेदना, मस्तक में आँधी, आँखों में पानी की बरसात लिये, वह सुख के कण्टक-शयन में विकल…

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    ताई-विश्‍वंभरनाथ शर्मा कौशिक

      ताई (TAI)   (विश्‍वंभरनाथ शर्मा कौशिक)   कथा कहानी  ”ताऊजी, हमें लेलगाड़ी (रेलगाड़ी) ला दोगे?” कहता हुआ एक पंचवर्षीय बालक बाबू रामजीदास की ओर दौड़ा। बाबू साहब ने दोंनो बाँहें फैलाकर कहा- ”हाँ बेटा,ला देंगे।” उनके इतना कहते-कहते बालक उनके निकट आ गया। उन्‍होंने बालक को गोद में उठा लिया और उसका मुख चूमकर…

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    AZIM PREMJI BIOGRAPHY IN HINDI

      अजीम प्रेमजी  ( चेयरमैन, विप्रो लिमिटेड ) हम हर बात के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं।  यह सोच बदलनी होगी। अगर आप समर्थ हैं।  आपके पास दौलत है, तो समाज के लिए कुछ करिए।  जब आपके पास पैसा और ताकत, दोनों हों,  तब समाज के प्रति आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है।   उन…

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    USANE KAHA THA- CHARDHAR SHARMA GULERI

    उसने कहा था (USANE KAHA THA ) चंद्रधर शर्मा गुलेरी    बडे-बडे शहरों के इक्के-गाड़ी वालों की जवान के कोड़ो से जिनकी पीठ छिल गई है, और कान पक गये हैं, उनसे हमारी प्रार्थना है कि अमृतसर के बम्बूकार्ट वालों की बोली का मरहम लगायें। जब बडे़-बडे़ शहरों की चौड़ी सड़कों पर घोड़े की पीठ…