जिन मुश्किलों में मुस्कुराना हो मना, उन मुश्किलों में मुस्कुराना धर्म है: गोपालदास “नीरज”
जिन मुश्किलों में मुस्कुराना हो मना, उन मुश्किलों में मुस्कुराना धर्म है – गोपालदास “नीरज”(Gopaldas Neeraj) जीवन हमेशा हमारी इच्छाओं के अनुसार नहीं चलता। कभी परिस्थितियाँ हमारा साथ नहीं देतीं, कभी अपने ही लोग निराश कर देते हैं और कभी मेहनत करने के बाद भी सफलता हाथ नहीं लगती। ऐसे समय में मनुष्य के सामने…
