माता का आँचल – शिवपूजन सहाय
माता का आँचल – हिंदी कहानी लेखक – शिवपूजन सहाय जहाँ लड़कों का संग, तहाँ बाजे मृदंग जहाँ बुड्ढो का संग, तहाँ खरचे का तंग हमारे पिता तड़के उठकर, निबट-नहाकर पूजाकरने बैठ जाते थे। हम बचपन से ही उनके अंग लग गए थे। माता से केवल दूध् पीने तक का नाता था। इसलिए पिता…
