HIMMAT AUR JINDAGI-RAMDHARI SINGH DINKAR
हिम्मत और ज़िन्दगी (कहानी ) रामधारी सिंह दिनकर ज़िन्दगी के असली मज़े उनके लिए नही हैं जो फूलों की छाँव में सोते हैं. बल्कि फूलों की छाँव के नीचे अगर जीवन का कोई स्वाद छिपा है तो वह भी उन्ही के लिए है जो दूर रेगिस्तान से आ रहे हैं जिनका कंठ सूखा हुआ,…
