कथा-कहानी

  • |

    SADGATI-MUNSHI PREMCHAND

    सद्गति  (रचनाकार: मुंशी प्रेमचंद) दुखी चमार द्वार पर झाडू लगा रहा था और उसकी पत्नी झुरिया, घर को गोबर से लीप रही थी। दोनों अपने-अपने काम से फुर्सत पा चुके थे, तो चमारिन ने कहा, ‘तो जाके पंडित बाबा से कह आओ न। ऐसा न हो कहीं चले जाएं जाएं।’ दुखी -‘ हाँ जाता हूँ,…

  • |

    MAMTA-JAYSHANKAR PRASAD

    ममता    ( रचनाकार: जयशंकर प्रसाद )  (कथा-कहानी)  रोहतास-दुर्ग के प्रकोष्ठ में बैठी हुई युवती ममता, शोण के तीक्ष्ण गम्भीर प्रवाह को देख रही है। ममता विधवा थी। उसका यौवन शोण के समान ही उमड़ रहा था। मन में वेदना, मस्तक में आँधी, आँखों में पानी की बरसात लिये, वह सुख के कण्टक-शयन में विकल…

  • |

    ताई-विश्‍वंभरनाथ शर्मा कौशिक

      ताई (TAI)   (विश्‍वंभरनाथ शर्मा कौशिक)   कथा कहानी  ”ताऊजी, हमें लेलगाड़ी (रेलगाड़ी) ला दोगे?” कहता हुआ एक पंचवर्षीय बालक बाबू रामजीदास की ओर दौड़ा। बाबू साहब ने दोंनो बाँहें फैलाकर कहा- ”हाँ बेटा,ला देंगे।” उनके इतना कहते-कहते बालक उनके निकट आ गया। उन्‍होंने बालक को गोद में उठा लिया और उसका मुख चूमकर…